लघु उद्योग भारती, राजस्थान प्रदेश के तत्वावधान में कौशल विकास कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक गति प्रदान करने हेतु जयपुर में प्रदेश स्तरीय बैठक आयोजित की गई। राष्ट्रीय संगठन मंत्री प्रकाश चन्द्र गुप्ता का सान्निध्य मिला। प्रदेश में कौशल विकास कार्यों के व्यापक विस्तार की आवश्यकता, उसकी कार्यप्रणाली एवं संभावनाओं पर रवींद्र कुमार जाजू द्वारा भूमिका प्रस्तुत की गई। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में स्वरोजगार एवं रोजगार सृजन की दृष्टि से कौशल विकास अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। देशभर में वर्तमान में संचालित 37 कौशल विकास केंद्रों में से 17 केंद्र राजस्थान में संचालित हो रहे हैं। इनमें जोधपुर, पाली, बालोतरा, जालौर,
बीकानेर, शिवगंज, श्रीगंगानगर, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, डूंगरपुर, ब्यावर, जयपुर, अलवर आदि शामिल हैं। इन केंद्रों पर डोमेस्टिक डेटा एंट्री ऑपरेटर, डिजिटल मित्रा, बाजरा आधारित उत्पाद प्रशिक्षण, मेहंदी, मशरूम उत्पादन, सौंदर्य साज-सज्जा,
चूड़ी में नगीनें लगाने, मिलेट्स कुकिंग, केक निर्माण, सिलाई प्रशिक्षण, क्रोशिया, आर्ट एंड क्राफ्ट, पैकिंग एवं एम्ब्रॉयडरी प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है एवं स्किल इंडिया वर्कशॉप जैसे प्रशिक्षण संचालित किए जा रहे हैं।
बैठक में संकल्प व्यक्त किया गया कि आगामी वर्ष हेतु देशभर में कौशल विकास कार्य स्थानों की संख्या 100 करने के लक्ष्य में राजस्थान अग्रणी भूमिका निभाएगा। चित्तौड़ अंचल में उदयपुर, किशनगढ़, राजसमन्द, अजमेर, कोटा, बांसवाड़ा, बारां, सागवाड़ा आदि केंद्र नए खुलेंगे।
वर्तमान में संचालित कौशल विकास केंद्रों, पूर्व में संचालित होकर बंद हुए कार्यों, 31 अगस्त 2026 तक प्रारम्भ किए जा सकने वाले नए केंद्रों एवं अन्य संभावित स्थानों की जानकारी संकलित करने का निर्णय लिया गया। बैठक में राष्ट्रीय संगठन मंत्री प्रकाश चन्द्र गुप्ता ने कहा कि कौशल विकास केवल प्रशिक्षण का विषय नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण माध्यम है।


