*उद्यमी संवाद कार्यक्रम में जीएसटी संबंधी समस्याओं एवं समाधान पर हुआ सार्थक संवाद*
आगरा, 10 जून 2026।
*लघु उद्योग भारती, आगरा एवं राज्य कर विभाग (SGST), आगरा के संयुक्त तत्वावधान में* आज “उद्यमी संवाद कार्यक्रम” का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जनपद के उद्यमियों एवं व्यापारियों ने बड़ी संख्या में सहभागिता कर जीएसटी से संबंधित विभिन्न समस्याओं, जिज्ञासाओं एवं सुझावों को विभागीय अधिकारियों के समक्ष रखा।
कार्यक्रम के दौरान लघु उद्योग भारती, आगरा द्वारा उद्योगों के समक्ष आने वाली प्रमुख जीएसटी समस्याओं से संबंधित विस्तृत प्रत्यावेदन विभाग को सौंपा गया।
*जिला अध्यक्ष श्री विजय गुप्ता* ने संगठन की ओर से उद्योगों के समक्ष आने वाली प्रमुख जीएसटी समस्याओं को रखते हुए कहा कि विभाग द्वारा वर्षों पुरानी Toll Reports की मांग के स्थान पर उन्हें E-Way Bill Portal से ऑटोमैटिक लिंक किया जाना चाहिए, जिससे पारदर्शिता एवं अनुपालन दोनों में सुधार होगा। उन्होंने GST Compliance Rating Score प्रणाली को शीघ्र लागू करने की आवश्यकता पर बल दिया, जिससे ईमानदार करदाताओं को प्रोत्साहन मिलेगा और बाजार में पारदर्शिता बढ़ेगी। उन्होंने यह भी कहा कि बकाया ब्याज एवं पेनाल्टी की वसूली से पूर्व उपलब्ध क्रेडिट लेजर से समायोजन की व्यवस्था की जानी चाहिए। छोटी तकनीकी त्रुटियों अथवा अल्प धनराशि के मामलों में लगाई जाने वाली भारी पेनाल्टी समाप्त की जानी चाहिए तथा बकाया कर पर वर्तमान 18 प्रतिशत ब्याज दर को उद्योग हित में युक्तिसंगत बनाया जाना चाहिए। उन्होंने Appellate Authorities को पुनः Remand की शक्ति प्रदान करने तथा अपील दायर करने हेतु अनिवार्य 10 प्रतिशत अग्रिम जमा (Pre-Deposit) की सीमा कम करने की भी मांग की, जिससे MSME इकाइयों को न्याय प्राप्त करने में सुविधा हो सके। उन्होंने कहा कि इन सुधारों से जीएसटी व्यवस्था अधिक व्यावहारिक, उद्योग-अनुकूल एवं विश्वास आधारित बनेगी तथा उद्योग एवं विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा।
कार्यक्रम के *विशिष्ट अतिथि श्री पंकज गांधी जी, एडिशनल कमिश्नर, ग्रेड-1, राज्य कर विभाग, आगरा* ने उपस्थित उद्यमियों को संबोधित करते हुए विभाग की सहयोगात्मक कार्यशैली पर बल दिया। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर की जो भी समस्याएं विभागीय स्तर पर हल की जा सकती हैं, उनका यथासंभव त्वरित एवं सकारात्मक समाधान किया जाएगा। उन्होंने विश्वास दिलाया कि विभाग व्यापारियों एवं उद्यमियों के साथ समन्वय एवं सहयोग की भावना से कार्य करेगा तथा यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा कि किसी भी व्यापारी अथवा उद्यमी का अनावश्यक उत्पीड़न न हो।
कार्यक्रम के *मुख्य अतिथि श्री राकेश गर्ग जी, अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम *ने अपने संबोधन में प्रदेश सरकार की उद्योग एवं व्यापार हितैषी नीतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी एवं माननीय *मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी* के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार देश एवं प्रदेश में उद्योगों के विकास, नए निवेश, रोजगार सृजन एवं उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कार्य कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन की मंशा किसी भी व्यापारी या उद्यमी का उत्पीड़न करने की नहीं है तथा सभी विभागों को उद्योग एवं व्यापार के अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने विभागीय स्तर पर नियुक्त नोडल अधिकारियों की व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने पर भी बल दिया, जिससे उद्यमियों की समस्याओं का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित हो सके तथा उन्हें समयबद्ध एवं सुगम सहायता प्राप्त हो।
कार्यक्रम में सीए निखिल गुप्ता, सेल अध्यक्ष – जीएसटी, लघु उद्योग भारती, आगरा ने उद्यमियों से प्राप्त जीएसटी संबंधी समस्याओं एवं सुझावों का विस्तृत संकलन प्रस्तुत करते हुए विभागीय अधिकारियों के समक्ष रखा। उन्होंने कहा कि उद्योग जगत और विभाग के बीच निरंतर संवाद से अधिकांश व्यावहारिक समस्याओं का समाधान संभव है।
कार्यक्रम के दौरान विभागीय अधिकारियों ने उद्यमियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए विभिन्न प्रावधानों एवं प्रक्रियाओं की जानकारी दी तथा यथासंभव समस्याओं के समाधान का प्रयास किया।
अंत में जिला महासचिव श्री राजीव बंसल ने सभी अतिथियों, विभागीय अधिकारियों एवं उपस्थित उद्यमियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के संवाद कार्यक्रम उद्योगों एवं विभाग के बीच विश्वास, पारदर्शिता एवं बेहतर समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से उपस्थित प्रदेश सचिव मनीष अग्रवाल, कोषाध्यक्ष संजीव जैन, CA नितेश गुप्ता, CA आलोक अग्रवाल, अंकुर अग्रवाल, अरविंद शुक्ला, दिनेश गुप्ता (उपाध्यक्ष), शैलेश अग्रवाल, अनुज सिंघल सहित बड़ी संख्या में उद्यमी, व्यापारी एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
*संवाद, समन्वय और समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल, जो उद्योग एवं विभाग के बीच विश्वास, पारदर्शिता एवं बेहतर समन्वय को और सुदृढ़ करेगी।*