दुर्गापुरः लघु उद्योग भारती (मध्य बंग) ने पश्चिम बंगाल सरकार के औद्योगिक विकास प्रयासों की सराहना करते हुए आसनसोल-दुर्गापुर विकास प्राधिकरण (एडीडीए) द्वारा निर्धारित ओद्योगिक भूमि की रिजर्व कीमत पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। संगठन ने राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों से हस्तक्षेप की अपील की है।
3.80 करोड़ रुपये प्रति एकड़ निर्धारित था मूल्यः संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष रतन अगरवाल ने बताया कि 5 जून को जारी नीलामी अधिसूचना के अनुसार, 4.08 एकड़ औद्योगिक भूमि के लिए प्रति एकड़ 3.80 करोड़ रुपये का रिजर्व प्राइस तय किया गया है, जो कुल मिलाकर15.30 करोड़ रुपये ALARYSL BURGAFUN DEVELOPERS AUTHORS
आसनसोल-दुर्गापुर विकास प्राधिकरण का दुर्गापुर कार्यालय जागरण
15.30 करोड़ रुपये बनता है। उन्होंने इसे अत्यधिक ऊंचा बताते हुए कहा कि यह औद्योगिक निवेश और परियोजनाओं की व्यावहारिकता के अनुरूप नहीं है, जिससे वास्तविक
तय करने पर जताई गई आपत्ति
उद्यमियों का उत्साह कम हो सकता है। अगरवाल ने कहा कि भूमि लीजहोल्ड आधार पर आवंटित की जा रही है, इसलिए इसकी तुलना फ्री-होल्ड भूमि के बाजार मूल्य से
करना उचित नहीं है। उन्होंने मांग की कि भूमि के मूल्यांकन की प्रक्रिया और मानदंडों को सार्वजनिक किया जाए ताकि उद्योग जगत में पारदर्शिता बनी रहे।
एकमुश्त आवंटन न हो भूमिः संगठन ने सुझाव दिया कि 4.08 एकड़ भूमि को एकमुश्त आवंटित करने के बजाय इसे चार अलग-अलग औद्योगिक प्लाटों में विभाजित किया जाए, जिससे अधिक संख्या में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) और प्रथम पीढ़ी के उद्यमी नीलामी में भाग ले सकें। इससे रोजगार के अधिक अवसर पैदा होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, साथ ही राज्य सरकार के समावेशी औद्योगिक विकास के लक्ष्य को भी बल मिलेगा।


