बालोतरा/जोधपुर, 13 जुलाई @ प्रसन्न टाइम्स. लघु उद्योग भारती भवन, बालोतरा में प्रदेश उपाध्यक्ष महावीर चौपड़ा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में बालोतरा, जोधपुर व पाली क्षेत्र की औद्योगिक एवं पर्यावरणीय चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में जोजरी, बांडी व लूणी नदी से जुड़े मामलों, राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल (आरएसपीसीबी) के हालिया आदेशों तथा जल संसाधन विभाग की एनओसी संबंधी व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई।
राज्य सरकार को भेजा जाएगा विस्तृत
प्रतिवेदन : बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि उद्योगों के समक्ष आ रही व्यावहारिक समस्याओं और उनके समाधान संबंधी सुझावों का विस्तृत प्रतिवेदन राज्य सरकार को भेजा जाएगा। साथ ही क्षेत्र की औद्योगिक समस्याओं के समाधान के लिए एक
प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ अधिकारियों से शीघ्र मुलाकात करेंगा। प्रतिनिधिमंडल में बालोतरा, जोधपुर और पाली के वस्त्र उद्योगों के साथ जोधपुर के स्टील उद्योग के प्रतिनिधियों को भी शामिल करने का प्रस्ताव रखा गया।
समन्वय से निकलेगा स्थायी समाधान: पूर्व प्रदेश अध्यक्ष शांतिलाल बालड़ने कहा कि
वर्तमान परिस्थितियों का स्थायी और सौहार्दपूर्ण समाधान न्यायपालिका, राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल और सीईटीपी ट्रस्ट के बीच बेहतर समन्वय से ही संभव है।
चरणबद्ध तरीके से उद्योग शुरू करने का सुझाव: बालोतरा सीईटीपी के अध्यक्ष रूपचंद सालेचा ने बताया है कि बालोतरा सीईटीपी शून्य द्रव अपशिष्ट (जेडएलडी) प्रणाली पर आधारित
है। यदि आरएसपीसीबी आवश्यक अनुमति प्रदान करता है तो उद्योगों को चरणबद्ध तरीके से पुनः संचालित किया जा सकता है। उन्होंने उपचार क्षमता और संचालन को क्रमिक रूप से बढ़ाने का सुझाव भी दिया।
रोजगार और निवेश पर पड़ सकता है असर लघु उद्योग भारती बालोतरा के अध्यक्ष महेंद्र श्रीश्रीमाल ने कहा कि यदि इस विषय का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो क्षेत्र के औद्योगिक विकास, निवेश, रोजगार और भविष्य की विकास संभावनाओं पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।
उद्योग और पर्यावरण दोनों की सुरक्षा प्राथमिकता : प्रदेश उपाध्यक्ष महावीर चौपड़ा ने कहा कि लघु उद्योग भारती ने इस मुद्दे को राज्य सरकार के सर्वोच्च स्तर तक प्रभावी ढंग से उठाया है और उद्योगों के हितों की रक्षा के लिए निरंतर प्रयास जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि संगठन की प्राथमिकता उद्योग और पर्यावरण दोनों की समान रूप से सुरक्षा करते हुए संतुलित एवं स्थायी समाधान सुनिश्चित करना है। बैठक में उपाध्यक्ष नरेंद्र छाजेड़, सिद्धार्थ माहेश्वरी, सचिव अविनाश गोलेच्छा, संयुक्त सचिव विजय जिंदल, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य विनोद सिंघवी, प्रवीण महाजन, संजय छाजेड़ सहित अनेक उद्योग प्रतिनिधि मौजूद थे।


