लघु उद्योग भारती, जोधपुर प्रांत एवं राजस्थान वित्त निगम के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को भवन सभागार में मेगा औद्योगिक प्रोत्साहन शिविर एवं जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के लिए ऋण आवेदन प्रक्रिया, ब्याज दरों, वित्तीय सहायता और विभिन्न सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। शिविर के दौरान उद्यमियों से 27 करोड़ 72 लाख रुपए के ऋण आवेदन प्राप्त हुए।
मुख्य अतिथि राजस्थान वित्त निगम के कार्यकारी निदेशक एवं आइएएस अधिकारी हरसहाय मीणा ने कहा कि राजस्थान वित्त निगम प्रदेश के औद्योगिक विकास की महत्त्वपूर्ण धुरी है। निगम का उद्देश्य केवल ऋण उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि नए और
स्थापित उद्योगों को वित्तीय सहयोग देकर उन्हें आत्मनिर्भर एवं प्रतिस्पर्धी बनाना है। लघु उद्योग भारती के पूर्व अखिल भारतीय अध्यक्ष घनश्याम ओझा ने कहा कि राजस्थान वित्त निगम ने छोटे उद्योगों को वित्तीय सहयोग देकर औद्योगिक विकास में अहम भूमिका निभाई है। प्रदेश उपाध्यक्ष महावीर चौपड़ा ने उद्योग ऋणों पर ब्याज दरों में कमी, निगम के बजट में वृद्धि और क्षेत्रीय कार्यालयों को अधिक निर्णय लेने के अधिकार देने का सुझाव दिया। कार्यशाला के दौरान युवा उद्यमियों ने मुख्यमंत्री युवा प्रोत्साहन योजना के तहत ऋण सीमा 2 करोड़ से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपए करने की मांग भी उठाई। राज्य सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप युवा, महिला तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के उद्यमियों के लिए विशेष योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है।


