लघु उद्योग भारती के उद्योग संवाद कार्यक्रम में बोलते वक्ता ।
आगरा। लघु उद्योग भारती और राज्य कर विभाग ने उद्यमी संवाद कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें उद्यमियों ने जीएसटी व्यवस्था से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और सुधार प्रस्तावों पर चर्चा की। व्यापारियों और कर विशेषज्ञों ने भी व्यावहारिक चुनौतियों को उठाया। लघु उद्योग भारती ने राज्य कर विभाग को जीएसटी संबंधी समस्याओं का प्रत्यावेदन सौंपा।
जिलाध्यक्ष विजय गुप्ता ने टोल रिपोर्टों को ई-वे बिल पोर्टल से जोड़ने की मांग की। उन्होंने बकाया ब्याज और जुर्माना को क्रेडिट लेजर से समायोजित करने की व्यवस्था मांगी। छोटी तकनीकी त्रुटियों पर भारी जुर्माने समाप्त करने को कहा। 18 फीसदी ब्याज दर को उद्योग हित में युक्तिसंगत बनाने की मांग रखी। उन्होंने अपीलीय प्राधिकरणों को पुनः रिमांड की अपील दायर करने के लिए 10 फीसदी प्री-डिपॉजिट की सीमा कम करने पर भी बल दिया। एडिशनल कमिश्नर (ग्रेड-1) पंकज गांधी ने स्थानीय समस्याओं के त्वरित समाधान का आश्वासन दिया। उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम के अध्यक्ष राकेश गर्ग ने नोडल अधिकारियों की व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया। इस दौरान सीए निखिल गुप्ता, राजीव बंसल, मनीष अग्रवाल रावी, संजीव जैन, सीए नितेश गुप्ता, सीए आलोक अग्रवाल, अंकुर अग्रवाल, अरविंद शुक्ला, दिनेश गुप्ता, शैलेश अग्रवाल, अनुज सिंघल उपस्थित रहे।


