हरियाणा की नई औद्योगिक नीति पर माननीय मुख्यमंत्री के साथ संवादात्मक बैठक
23 अप्रैल 2026 को हरियाणा भवन, नई दिल्ली में हरियाणा की आगामी औद्योगिक नीति से संबंधित प्रमुख मुद्दों, चिंताओं एवं सुझावों पर विचार-विमर्श हेतु माननीय हरियाणा के मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini श्री नायब सिंह सैनी जी के साथ लघु उद्योग भारती के प्रतिनिधिमंडल की एक महत्वपूर्ण संवादात्मक बैठक आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता माननीय मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी जी एवं उद्योग मंत्री Rao Narbir Singh श्री राव नरबीर सिंह जी ने की। इस अवसर पर वरिष्ठ आईएएस अधिकारी तथा विभिन्न विभागों के सचिव भी उपस्थित रहे, जिन्होंने औद्योगिक नीति के विभिन्न आयामों पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया।
लघु उद्योग भारती के प्रतिनिधिमंडल में श्री अरुण बजाज (अखिल भारतीय कार्यसमिति सदस्य एवं सह-प्रभारी हरियाणा, फरीदाबाद), श्री शुभ आदेश मित्तल (प्रदेश अध्यक्ष, हरियाणा, अंबाला), सीए मनोज कुमार रुंगटा (महासचिव, हरियाणा, फरीदाबाद), श्री सुधीर चंद्र (सचिव, हरियाणा, यमुनानगर), श्री भूपेंद्र शर्मा (सचिव, हरियाणा, सोनीपत), श्री अमृतपाल कोछर (अध्यक्ष, फरीदाबाद इकाई), श्री श्रीकांत दमानी (अध्यक्ष, बल्लभगढ़ इकाई), श्री संजय डाटा (अध्यक्ष, रेवाड़ी इकाई), श्री कपिल गुप्ता (अध्यक्ष, पानीपत इकाई), श्री रमन जैन (अध्यक्ष, भिवानी इकाई) तथा श्री विनोद गुप्ता (अध्यक्ष, गुरुग्राम इकाई) शामिल रहे।
प्रतिनिधिमंडल द्वारा प्रारूप औद्योगिक नीति पर बिंदुवार सुझाव प्रस्तुत किए गए। इनमें फरीदाबाद एवं यमुनानगर में स्किल सेंटर हेतु भूमि आवंटन, यमुनानगर में फर्नीचर निर्माण उद्योग की स्थापना, लघु उद्योग भारती द्वारा आईटीआई को गोद लेने की पहल, जगाधरी में इनलैंड कंटेनर डिपो की स्थापना, भांग (हेम्प) उत्पादन एवं उसके औद्योगिक उपयोग पर नीति निर्माण, पुराने उद्योगों के विस्तार से जुड़ी समस्याओं का समाधान, एमएसएमई के लिए विशेष योजनाएं, सिंगल विंडो क्लियरेंस प्रणाली को सुदृढ़ करना, प्रमुख राजमार्गों पर औद्योगिक क्षेत्रों का विस्तार, कंसेंट टू ऑपरेट एवं कंसेंट टू एस्टैब्लिश के लिए ओटीएस व्यवस्था, उद्योगों हेतु लीज पर भूमि उपलब्ध कराना तथा श्रमिक आवास के लिए अनुदान जैसी महत्वपूर्ण मांगें शामिल थीं।
बैठक के दौरान राज्य में एमएसएमई विकास, उद्योग अनुकूल वातावरण तथा निवेश को प्रोत्साहन देने के लिए व्यवहारिक एवं दीर्घकालिक समाधान पर सकारात्मक चर्चा हुई। सरकार द्वारा संतुलित, विकासोन्मुख एवं उद्योग हितैषी औद्योगिक नीति तैयार करने के लिए हितधारकों के साथ सतत संवाद बनाए रखने की प्रतिबद्धता भी दोहराई गई।
बैठक का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें उद्योग जगत और शासन के बीच सहयोगात्मक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में इस संवाद को एक महत्वपूर्ण कदम बताया गया।