कृषि शिक्षा, अनुसंधान, कौशल विकास एवं कृषि आधारित उद्यमिता को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से लघु उद्योग भारती, जोधपुर प्रान्त और Agriculture University Jodhpur के मध्य एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) संपादित किया गया। यह समझौता कृषि और उद्योग जगत के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित करते हुए युवाओं, किसानों, शोधार्थियों एवं उद्यमियों के लिए नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त करेगा।
एमओयू हस्ताक्षर कार्यक्रम में लघु उद्योग भारती के निवर्तमान अखिल भारतीय अध्यक्ष Ghanshyam Ojha, प्रदेश उपाध्यक्ष Mahavir Chopda, जोधपुर प्रान्त महामंत्री Suresh Kumar Vishnoi तथा विश्वविद्यालय की ओर से रजिस्ट्रार Samandar Singh Bhati, वाइस चांसलर Dr. V. S. Jaisawat, किसान कौशल विकास केन्द्र के प्रभारी Pradeep Pagaria, नोडल अधिकारी Dr. Priyanka Swami सहित कृषि विज्ञान केन्द्र के तकनीकी अधिकारी उपस्थित रहे।
समझौते के अंतर्गत दोनों संस्थाएं संयुक्त रूप से कृषि उद्यमिता, कौशल विकास, अनुसंधान, तकनीकी हस्तांतरण, स्टार्टअप प्रोत्साहन तथा औद्योगिक प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करेंगी। कृषि विश्वविद्यालय की वैज्ञानिक एवं तकनीकी विशेषज्ञता तथा लघु उद्योग भारती के औद्योगिक नेटवर्क और कौशल विकास केन्द्रों के माध्यम से युवाओं को आधुनिक कृषि तकनीकों एवं व्यवसायिक कौशलों का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
एमओयू के तहत कृषि प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन, पैकेजिंग एवं ब्रांडिंग से संबंधित विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। क्षेत्रीय उत्पादों जैसे मथानिया मिर्च, नागौरी मेथी, अनार एवं अंजीर के प्रसंस्करण और विपणन को बढ़ावा देने के लिए संयुक्त कार्यशालाएं एवं प्रशिक्षण शिविर आयोजित होंगे। इसके अतिरिक्त कृषि क्षेत्र में सौर ऊर्जा के उपयोग तथा सोलर कृषि उपकरणों की स्थापना एवं रखरखाव संबंधी प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा।
दोनों संस्थाएं कृषि एवं कृषि आधारित स्टार्टअप्स के लिए इन्क्यूबेशन और मेंटरशिप सुविधाएं उपलब्ध कराएंगी। विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को उद्योगों से जोड़ने हेतु औद्योगिक भ्रमण, इंटर्नशिप और व्यावहारिक प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी। कृषि अभियांत्रिकी, डेयरी तकनीक और खाद्य प्रौद्योगिकी के विद्यार्थियों को उद्योगों में कार्य अनुभव प्राप्त करने के अवसर भी उपलब्ध होंगे।
पांच वर्षों की अवधि के लिए प्रभावी यह एमओयू कृषि, उद्योग और शिक्षा के बीच सहयोग का एक महत्वपूर्ण मॉडल बनेगा। दोनों संस्थाएं समय-समय पर समीक्षा बैठकें आयोजित कर कार्यक्रमों की प्रगति का मूल्यांकन करेंगी और भविष्य की कार्ययोजना निर्धारित करेंगी। उपस्थित पदाधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि यह साझेदारी कृषि एवं उद्योग क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के साथ-साथ युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।