15 वर्ष पुराने लंबित प्रकरणों के निराकरण का मार्ग प्रशस्त
भोपाल (ब्यूरो प्रमुख)। लघु उद्योग भारती, मध्यप्रदेश द्वारा प्रदेशभर के उद्यमियों एवं औद्योगिक इकाइयों की समस्याओं के निराकरण हेतु किए जा रहे सतत प्रयासों को बड़ी सफलता प्राप्त हुई है। 2 एवं 3 जून को संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने विभिन्न विभागों के मंत्रियों, प्रमुख सचिवों एवं वरिष्ठ अधिकारियों से भेंट कर उद्योग, कृषि प्रसंस्करण, ऊर्जा, वेयरहाउसिंग, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार सहित अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की। इस दौरान कई वर्षों से लंबित विषयों के निराकरण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई तथा अनेक मामलों में त्वरित निर्णय लिए गए। प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश महामंत्री अरुण सोनी, मध्य भारत प्रांत अध्यक्ष शोभरन सिंह तोमर, प्रदेश उपाध्यक्ष मनीष पटेल, मालवा प्रांत उपाध्यक्ष संजय व्यास, सचिव विनोद नायर, भोपाल इकाई सचिव नीरज शर्मा, मध्य भारत प्रांत महिला प्रभारी श्रीमती रश्मि गुर्जर, भोपाल इकाई कोषाध्यक्ष राकेश अवस्थी, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य श्रीमती उमा शर्मा, मध्य भारत प्रांत सचिव देवेंद्र श्रीवास्तव एवं वरिष्ठ उद्यमी सरदार इंद्रजीत सिंह सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी एवं उद्यमी प्रतिनिधि सम्मिलित रहे। इस दो दिवसीय प्रवास का सबसे महत्वपूर्ण एवं
ऐतिहासिक पड़ाव माननीय एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप के निवास पर आयोजित लगभग पांच घंटे की मैराथन उच्चस्तरीय बैठक रही, जिसमें उद्योग आयुक्त दिलीप कुमार सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में प्रदेशभर से प्राप्त उद्योगों एवं उद्यमियों की समस्याओं पर गंभीरता से चर्चा की गई तथा कई महत्वपूर्ण विषयों पर मौके पर ही निर्णय लिए गए। बैठक की सबसे बड़ी उपलब्धि कटनी के बरगवां औद्योगिक क्षेत्र से संबंधित 15 वर्षों से अधिक समय से लंबित नक्शा संशोधन प्रकरण के निराकरण हेतु तत्काल कार्रवाई के निर्देश रहे। इसके अतिरिक्त वर्षों से लंबित विभिन्न लीज प्रकरणों, औद्योगिक क्षेत्रों की अधोसंरचना संबंधी समस्याओं तथा अन्य
प्रशासनिक मामलों के समाधान का मार्ग भी प्रशस्त हुआ। उद्यमियों ने इसे प्रदेश के एमएसएमई क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक पहल बताया है। मंत्री चैतन्य काश्यप ने औद्योगिक क्षेत्रों में सड़क, नाली एवं जलापूर्ति जैसी आधारभूत सुविधाओं के विकास, एक्सपोर्ट फ्रेट सब्सिडी से संबंधित तकनीकी समस्याओं के समाधान, भूमि हस्तांतरण प्रक्रिया को पूर्णतः ऑनलाइन करने, लंबित लीज प्रकरणों के शीघ्र निराकरण, एमएसएमई प्रोत्साहन योजनाओं के अंतर्गत अनुदान राशि के भुगतान तथा टेंडर प्रक्रिया में सुधार संबंधी विषयों पर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। साथ ही कई नीतिगत विषयों पर भी सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया गया।


