लघु उद्योग भारती महिला इकाई भिलाई द्वारा लघु उद्योग भारती के 32 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर स्थापना दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर सभी सदस्यों को शुभकामनाएँ दी गईं तथा संगठन की कार्यशैली, स्थापना के उद्देश्य और महिला उद्यमिता को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योजनाओं पर चर्चा की गई।
कार्यक्रम में प्रदेश महिला प्रभारी श्रीमती गीता वर्मा ने लघु उद्योग भारती की स्थापना, कार्य प्रणाली तथा संगठन के उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया।
इस दौरान गोबर से निर्मित विभिन्न प्रकार के धूप, कटोरी धूप आदि उत्पादों की फैक्ट्री का भ्रमण किया गया। इस नवाचारपूर्ण प्रकल्प को महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों के “स्वदेशी अड्डा” से जोड़ने का निर्णय लिया गया, जिससे स्थानीय महिला उद्यमियों को नया बाजार और प्रोत्साहन मिल सके।
उद्यमी पखवाड़े के अंतर्गत 50 महिलाओं को उद्यमिता प्रशिक्षण देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। साथ ही विद्यालयों में उद्यमिता विषयक कार्यशालाएँ आयोजित करने की योजना बनाई गई, ताकि बच्चों को केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक ज्ञान भी प्राप्त हो और वे भविष्य में स्वयं का उद्योग स्थापित कर दूसरों को भी रोजगार दे सकें।
कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न जिम्मेदारियाँ भी निर्धारित की गईं। विभिन्न उत्पादों की प्रभारी के रूप में रश्मि वर्मा, सुनीता सोनी, शुभालक्ष्मी शेखर एवं टीना सातपुते को जिम्मेदारी दी गई। महिला उद्यमिता कार्यशाला के लिए नर्मदा जैना, प्रतिमा पारधी, माधूरी पराशर एवं सुनैना थानथराटे को प्रभारी बनाया गया। वहीं विद्यालय उद्यमिता कार्यशाला के लिए गीता वर्मा, रश्मि वर्मा, सुनीता सोनी एवं पूनम मिश्रा को दायित्व सौंपा गया।
महिला इकाई अध्यक्ष श्रीमती रश्मि वर्मा ने कहा कि लघु उद्योग भारती महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने, स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहित करने और नई पीढ़ी में उद्यमिता की भावना विकसित करने के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।