लघु उद्योग भारती के सतत प्रयासों को मिली सफलता: कपास उद्योग को बड़ी राहत
लघु उद्योग भारती द्वारा मध्यप्रदेश के कपास आधारित उद्योगों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी के समक्ष कपास पर मंडी शुल्क में कमी की मांग रखी गई थी। उद्योग जगत की इस महत्वपूर्ण आवश्यकता को समझते हुए राज्य सरकार ने सकारात्मक पहल करते हुए कैबिनेट में इस प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की।
दिनांक 9 जून 2026 को लिए गए इस ऐतिहासिक निर्णय के तहत कपास पर मंडी शुल्क को 1 प्रतिशत से घटाकर 0.5 प्रतिशत कर दिया गया है। इस निर्णय से प्रदेश की लगभग 158 कपास जिनिंग इकाइयों को सीधा लाभ मिलेगा और उद्योगों की लागत में कमी आएगी।
यह निर्णय केवल उद्योगों को राहत देने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे किसानों को बेहतर बाजार व्यवस्था, व्यापारियों को नई संभावनाएं तथा प्रदेश को नए निवेश एवं रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। साथ ही कपास उद्योग की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी और उद्योगों के अन्य राज्यों की ओर पलायन पर भी रोक लगेगी।
लघु उद्योग भारती इस जनहितैषी एवं उद्योग हितैषी निर्णय के लिए माननीय मुख्यमंत्री जी का हार्दिक आभार व्यक्त करती है। यह कदम मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास, आत्मनिर्भर भारत के संकल्प और स्थानीय उद्योगों के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगा।
“संवाद से समाधान और सामूहिक प्रयास से विकास” की भावना के साथ लघु उद्योग भारती निरंतर उद्यमियों की आवाज़ बनकर कार्य करती रहेगी।