लघु उद्योग भारती, अलवर इकाई, रोटरी क्लब अलवर शौर्य एवं ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल, अलवर के संयुक्त तत्वावधान में एम.आई.ए. स्थित लघु उद्योग वाटिका में “हरित” वृक्षारोपण अभियान का सफल आयोजन किया गया। अभियान के अंतर्गत लगभग 100 पौधों का वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. ओ.पी. लखवानी, डीन, ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल, अलवर ने कहा कि वृक्षारोपण केवल पर्यावरण संरक्षण का कार्य नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने बताया कि ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज में “एक छात्र–एक पौधा” अभियान के अंतर्गत प्रत्येक मेडिकल विद्यार्थी एक पौधा लगाकर उसके संरक्षण का संकल्प ले रहा है। उन्होंने स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए स्वस्थ पर्यावरण को अनिवार्य बताते हुए इसे जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया।
लघु उद्योग भारती, अलवर इकाई के अध्यक्ष श्री संदीप मुदगल ने कहा कि उद्योगों का विकास और पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे के पूरक हैं। उन्होंने प्रत्येक उद्योग एवं प्रत्येक नागरिक से प्रतिवर्ष कम से कम एक पौधा लगाकर उसके संरक्षण का संकल्प लेने का आग्रह किया।
इस अवसर पर लघु उद्योग भारती, राजस्थान प्रदेश के उपाध्यक्ष श्री राजेश गुप्ता, मत्स्य उद्योग संघ के अध्यक्ष श्री मनोज गुप्ता तथा लघु उद्योग भारती, रोटरी क्लब एवं ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज के पदाधिकारियों, चिकित्सकों एवं मेडिकल विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक पौधारोपण किया। “एक छात्र–एक पौधा” अभियान के अंतर्गत विद्यार्थियों ने पौधों की नियमित देखभाल एवं संरक्षण का भी संकल्प लिया।
कार्यक्रम में लघु उद्योग भारती की ओर से श्री अनुज कलानी, श्री ओमवीर सिंह, श्रीमती अलका सिंह, श्री वरुण जैन, श्री विवेक गुप्ता, श्री संदीप गुप्ता, श्री देवेन्द्र अग्रवाल, श्री आशीष शर्मा एवं श्री सुनील गौतम उपस्थित रहे। रोटरी क्लब अलवर शौर्य की ओर से अध्यक्षा रोटेरियन पूजा कलानी, सचिव रोटेरियन आकांक्षा गोयल सहित अनेक सदस्यों की सक्रिय सहभागिता रही।
इकाई के सचिव श्री पंकज तिवारी ने बताया कि कार्यक्रम का समापन सभी उपस्थित जनों द्वारा “एक व्यक्ति–एक वृक्ष” एवं “एक छात्र–एक पौधा” के संकल्प के साथ हुआ। उन्होंने कहा कि लगाए गए सभी पौधों के संरक्षण एवं नियमित देखभाल की जिम्मेदारी भी सुनिश्चित की गई है, जिससे यह अभियान केवल वृक्षारोपण तक सीमित न रहकर पर्यावरण संरक्षण का एक स्थायी एवं प्रेरणादायी प्रयास बन सके।