लघु उद्योग भारती की ओर से प्रदेशभर में चल रही कौशल विकास गतिविधियों का विस्तार करते हुए अजमेर में भी नया कौशल विकास केंद्र शुरू किया जाएगा। संस्था के अनुसार यह केंद्र 31 अगस्त तक शुरू कर दिया जाएगा। यहां युवाओं को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण देने के साथ प्लेसमेंट से जोड़ने की व्यवस्था भी की जाएगी।
संस्था के राज्यस्तरीय कौशल विकास केंद्रों पर फिलहाल डोमेस्टिक डेटा एंट्री ऑपरेटर, डिजिटल मित्र, बाजरा आधारित उत्पाद निर्माण, मेहंदी, मशरूम उत्पादन, सौंदर्य साज-सज्जा, चूड़ी में नगीनें लगाने, मिलेट्स कुकिंग, केक निर्माण, सिलाई, क्रोशिया, आर्ट एंड क्राफ्ट, पैकिंग और एम्ब्रॉयडरी समेत कई प्रशिक्षण संचालित किए जा रहे हैं। इसके अलावा स्किल इंडिया वर्कशॉप भी आयोजित की जा रही हैं। प्रदेश में वर्तमान में जोधपुर, पाली, बालोतरा,
लघु उद्योग भारती के पदाधिकारी जयपुर में बैठक में शामिल।
जालोर, बीकानेर, शिवगंज, श्रीगंगानगर, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, डूंगरपुर, ब्यावर, जयपुर और अलवर सहित कई शहरों में कौशल विकास केंद्र संचालित हैं। हाल ही जयपुर में हुई बैठक में राष्ट्रीय मंत्री प्रकाशचंद्र गुप्ता ने इन गतिविधियों को राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार देने के लिए पदाधिकारियों को दिशा निर्देश दिए। बैठक में चित्तौड़, जोधपुर और जयपुर अंचल के पदाधिकारी शामिल हुए।
अजमेर समेत कई शहरों में खुलेंगे नए केंद्र लघु उद्योग भारती के रवींद्र कुमार जाजू ने कहा कि देशभर में संचालित 37 कौशल विकास कार्यों में से 17 केवल राजस्थान में चल रहे हैं। अगले वर्ष देशभर में 100 कौशल विकास केंद्र शुरू करने का लक्ष्य है। इसके तहत 31 अगस्त 2026 तक चित्तौड़ प्रांत में उदयपुर, किशनगढ़, राजसमंद, अजमेर, कोटा, बांसवाड़ा, बारां और सागवाड़ा में नए केंद्र शुरू किए जाएंगे। वहीं जयपुर अंचल
में नीमराना, चूरू, सीकर, भरतपुर, अलवर, भिवाड़ी और विश्वकर्मा क्षेत्र तथा जोधपुर अंचल में नागौर, नोखा और हनुमानगढ़ में भी केंद्र खोले जाएंगे।
30% से ज्यादा युवाओं को मिला प्लेसमेंट | जयपुर स्थित सोहन सिंह स्मृति कौशल विकास केंद्र में स्टार्टअप, गारमेंट्स, आर्ट एंड क्राफ्ट से जुड़े प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों में युवाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। यहां प्रशिक्षण लेने वाले युवाओं का प्लेसमेंट प्रतिशत 30 से अधिक है। संस्था अब कौशल विकास कार्यक्रमों को हर जिले तक पहुंचाने और स्थानीय जरूरतों के अनुसार प्रशिक्षण शुरू करने की तैयारी में है। आगामी समय में सिलाई, कम्प्यूटर, मेहंदी, प्लंबर, डिजिटल सेवा, आर्ट एंड क्राफ्ट, ब्यूटी पार्लर और खाद्य प्रसंस्करण जैसे कोर्स भी जोड़े जाएंगे। सभी अंचलों के कार्यकर्ताओं ने हर जिले में कम से कम एक कौशल विकास कार्य शुरू करने का लक्ष्य तय किया है।


