दिल्ली के उद्योग मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा और समाज कल्याण मंत्री रवींद्र इंद्रराज ने मंगलवार को बवाना औद्योगिक क्षेत्र में फैक्ट्री मालिकों से संवाद किया। मंत्रियों ने भरोसा दिया कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार उद्यमियों के साथ खड़ी है। अब बेहतर माहौल में दिल्ली की फैक्ट्रियां उत्पादन कर सकेंगी। बैठक में मौजूद DSIIDC के अधिकारियों को सभी मुद्दों पर जल्द कार्य योजना बनाकर काम शुरू करने के निर्देश दिए गए। लघु उद्योग भारती (LUB) की ओर से बवाना के विकास, बेहतर सड़कें, आने-जाने की सुविधाएं और कारोबार को आसान बनाने से जुड़े कई सुझाव रखे गए।
LUB के उपाध्यक्ष मुकेश अग्रवाल ने बताया कि यह मीटिंग वीरेंद्र नागपाल ने आयोजित कराई। मंत्री ने किसी भी प्रकार के इंस्पेक्टरराज से मुक्ति का आश्वासन दिया। कार्यक्रम में SPM इंडस्ट्रियल पार्क वेलफेयर असोसिएशन के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह, प्लास्टिक एंड एक्ससेरीज मैन्युफैक्चरिंग वेलफेयर असोसिएशन के सचिव अमित गुप्ता और असोसिएशन ऑफ स्मॉल इंडस्ट्रीज बवाना के अध्यक्ष शिव कुमार अरोड़ा समेत तमाम फैक्ट्री मालिक शामिल हुए।
मंत्रियों के समक्ष फैक्ट्री मालिकों की मांगे
मेंटिनेंस शुल्क और तिहरे टैक्स से राहत : बवाना के अति सूक्ष्म उद्यमियों को मेंटिनेंस के नाम पर DSIIDC लीज, MCD का प्रॉपर्टी टैक्स और बवाना इंफ्रा के प्रति वर्ष बढ़ते शुल्क देने को बाध्य होना पड़ रहा है। यह तिहरा और निरंतर बढ़ता वित्तीय बोझ छोटे उद्यमियों की उत्पादन लागत को बढ़ा रहा है।
टैक्स और शुल्क का तार्किकीकरण: बवाना इंफ्रा द्वारा वसूले जा रहे शुल्क को पारदर्शी और तार्किक बनाया जाए। छोटे उद्यमियों से अनावश्यक आर्थिक बोझ कम करने के लिए MCD प्रॉपर्टी टैक्स को पूरी तरह खत्म किया जाए। इसे बवाना इंफअरा को दिये जा रहे शुल्क में एडजस्ट कर सकते हैं। इन सभी पक्षों और भूखंडों को फ्री-होल्ड करने की मांग पर समुचित मंथन कर उद्यमियों
को राहत दी जाए।
निरीक्षण पर रोक : इंस्पेक्टर राज को समाप्त करने के लिए पर्यावरम और जीएसटी इंस्पेक्टर के औद्योगिक परिसरों में बिना वजह प्रवेश पर पूरी तर रोक लगे।
DPCC की दंडात्मक कार्रवाई पर रोक दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण कमिटी (DPCC) द्वारा उद्यमियों पर
सीधे किसी भी तरह की दंडात्मक कार्यवाही नहीं की जाए। किसी भी एक्शन से पहले उद्यमियों को सुधार के लिए कम से कम 3 बार पर्याप्त समय देते हुए ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया जाए।
प्रशासनिक सहयोग का प्रावधान उद्योगों की
कमियों को दूर दूर करने और नियमों के पालन में DPCC द्वारा दंडात्मक रुख अपनाने के बजाए प्रशासनिक और तकनीकि सहयोग का प्रावधान किया जाए।
उत्पादन लागत में कमी: बवाना क्षेत्र के लिए विजली और पानी की दरों को युक्तिसंगत यानी कम किया जाए, ताकि उत्पादन लागत में कमी आए।
सौर ऊर्जा प्रोत्साहन बवाना औद्योगिक क्षेत्र को
आत्मनिर्भर बनाने के क्रम में उद्यमियों को भी सौर ऊर्जा के उपयोग के लिए आवासीय क्षेत्रों के अनुरूप ही वित्तीय और ढांचागत प्रोत्साहन दिया जाए।
फ्री होल्ड अधिकार स्वयं वित्त योजना के तहत विकसित बवाना के औद्योगिक भूखंडों को तत्काल फ्री होल्ड अधिकार दिये जाएं।
बवाना में उद्योग मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा और मंत्री रवींद्र इंद्रराज ने इंडस्ट्रियल असोसिएशंस को दिया भरोसा
भूजल उपयोग अनुमति: केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय द्वारा MSMEs को दी गई 10 KLD भूजल उपयोग की सुविधा दिल्ली में भी लागू किया जाए।
आधुनिक कचरा प्रबंधन क्षेत्र में कचरा प्रबंधन को पूरी तरह आधुनिक बनाया जाए। बवाना से निकलने वाले औद्योगिक और सामान्य कचरे की बवाना में ही संपूर्ण रिसाइक्लिंग सुनिश्चित करने की योजना पर उच्चस्तरीय मंथन आरंभ हो।
खारे पानी को शुद्ध करने के संयंत्र बवाना
औद्योगिक क्षेत्र में उपलब्ध खारे पानी को उपयोग युक्त बनाने के लिए आवश्यक ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जाएं। बवाना के खारे भूजल को रिसाइकिल कर औद्योगिक उपयोग योग्य बनाना पूरी तरह तार्किक और आवश्यक है।
अन्य बुनियादी सुविधाएं क्षेत्र में आधुनिक एग्जीविशन हॉल, कम्युनिटी सेंटर, सरकारी टेस्टिंग लैव, युवाओं के लिए कौशल विकास केंद्र और कामगारों के स्वास्थ्य के लिए सुविधायुक्त ESIC हॉस्पिटल का निर्माण किया जाए।


