सहारनपुर। पिछले कुछ समय से सहारनपुर के उद्योगों में हो रही लगातार अघोषित विद्युत कटौती के निराकरण हेतु लघु उद्योग भारती के पदाधिकारियों एवं सदस्यों की विद्युत विभाग के चीफ इंजीनियर एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक दिल्ली रोड स्थित सज्ञलिटेयर रिसॉर्ट के हॉल में आयोजित की गई।
बैठक में लघु उद्योग भारती के मेरठ-सहारनपुर संभाग के महासचिव अनुपम गुप्ता ने विद्युत अधिकारियों को दो टूक शब्दों में चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अब केवल आश्वासनों से काम नहीं चलेगा, उद्योगों को धरातल पर निर्वाध विद्युत सप्लाई उपलब्ध कराई जाए। यदि विद्युत कटौती की समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो लघु उद्योग भारती इस संबंध में माननीय मुख्यमंत्री महोदय से सीधे शिकायत करेगी।
अनुपम गुप्ता ने कहा कि एक तरफ माननीय प्रधानमंत्री और माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा लगातार अपील की जा रही है कि वैश्विक परिस्थितियों के मद्देनजर देश में पेट्रोल और डीजल का इस्तेमाल कम से
कम किया जाए। लेकिन इसके विपरीत, सहारनपुर में लगातार हो रही बिजली कटौती के कारण उद्यमियों को विवश होकर जनरेटर चलाने पड़ रहे हैं और डीजल का अत्यधिक इस्तेमाल करना पड़ रहा है, जो आर्थिक और पर्यावरणीय दोनों लिहाज से नुकसानदेह है।
बैठक में उपस्थित लघु उद्योग भारती के जिला अध्यक्ष वरुण अग्रवाल एवं अन्य वरिष्ठ सदस्यों ने बिजली विभाग के अधिकारियों का ध्यान मुख्य रूप से निम्नलिखित समस्याओं की ओर आकर्षित किया। दिल्ली रोड पर सॉलिटेयर
रिसर्ट के बाहर लगे आरएमयू में लगातार ट्रिपिंग की समस्या आ रही है। इसकी फ्रीक्वेंसी को बढ़ाया जाए या फिर इसे वहां से हटाया जाए। हर शुक्रवार को तीन से चार घंटे पेड़ों की टहनियों की कटाई के लिए निर्धारित किए जाएं, क्योंकि ये
टहनियां बिजली की लाइनों से टकराकर फॉल्ट का कारण बनती हैं। फॉल्ट की दर को कम करने के लिए बिजली लाइनों के बीच में जगह-जगह सेमीकंडक्टर लगाए जाने चाहिए। जिन उद्योगों को लगातार द्धबिना किसी रुकावट केॠ
बिजली की आवश्यकता होती है, वहां पावर कट होने से भारी नुकसान होता है। ऐसे उद्योगों की लाइन को जरूरत पड़ने पर शाकंभरी विहार की विद्युत लाइन से जोड़ा जाए। जैसे ही उद्यमियों द्वारा विद्युत लाइन में फॉल्ट की सूचना अधिकारियों के व्हाट्सएप ग्रुप में डाली जाए, तुरंत उसका संज्ञान लेकर निस्तारण


