लघु उद्योग भारती भिवाड़ी द्वारा बुधवार को स्थापना दिवस एवं उद्यमी सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के उद्योगपतियों, विभिन्न औद्योगिक इकाइयों और सरकारी विभागों के अधिकारियों की उपस्थिति में लघु उद्योगों की वर्तमान चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई।
यह आयोजन भिवाड़ी की प्रथम एवं द्वितीय इकाई के साथ चोपानकी, खुशखेड़ा, खैरथल और महिला इकाई के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत मां भारती के समक्ष दीप प्रज्वलन से हुई, जिसके पश्चात अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान किया गया।
कार्यक्रम संयोजक संजय खत्रा ने बताया कि संगठन वर्तमान में 450 से अधिक इकाइयों और 68,000 से ज्यादा सदस्यों के साथ कार्य कर रहा है तथा भविष्य में 1 लाख सदस्यों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इस वर्ष सम्मेलन की थीम “लघु उद्योगों की चुनौतियां एवं भविष्य” पर केंद्रित रही।
सम्मेलन में उद्योगपतियों ने निवेश और संचालन के दौरान आने वाली प्रमुख समस्याओं को विस्तार से रखते हुए कई महत्वपूर्ण मांगें प्रस्तुत कीं, जिनमें प्रमुख रूप से सिंगल विंडो सिस्टम लागू करना, रीको द्वारा सस्ती दरों पर भूमि उपलब्ध कराना, आधारभूत ढांचे में सुधार, नियमित सफाई एवं सड़क मरम्मत, पार्किंग व्यवस्था, औद्योगिक अपशिष्ट प्रबंधन, स्ट्रीट लाइट्स एवं अवैध कब्जों पर कार्रवाई शामिल रही।
इसके अतिरिक्त फायर एनओसी प्रक्रिया को सरल बनाने, भूमि मापदंडों में एकरूपता, औद्योगिक क्षेत्र में रिक्रिएशन सुविधाएं विकसित करने, बिजली कटौती रोकने और दरों को कम करने, अनावश्यक वाटर मीटर अनिवार्यता समाप्त करने तथा श्रमिकों के लिए सस्ते आवास उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई।
उद्योगपतियों ने यह भी सुझाव दिया कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए दिल्ली की ईवी पॉलिसी की तर्ज पर राजस्थान में प्रभावी नीति लागू की जाए तथा बैंक और सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक रूप से उद्यमियों तक पहुंचे।
लघु उद्योग भारती भिवाड़ी प्रथम इकाई के अध्यक्ष सरजीत यादव ने कहा कि छोटे उद्योग बड़े उद्योगों की रीढ़ हैं, इसलिए उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से किया जाना आवश्यक है।
कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने उद्योगपतियों की समस्याओं के समाधान हेतु सकारात्मक सहयोग का आश्वासन दिया। डिप्टी लेबर कमिश्नर प्रज्ञा शर्मा ने उद्यमियों को हर संभव सहायता प्रदान करने की बात कही, जबकि खैरथल तिजारा मंडी के सचिव विनोद चौधरी ने केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं और सब्सिडी की जानकारी साझा की।
सम्मेलन में बड़ी संख्या में उद्योगपति एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।


