पाली, सोमवार। लघु उद्योग भारती, पाली की ओर से स्वरोजगार एवं महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए 28 इंच पीवीसी कटिंग मशीन एवं 63 इंच नॉन-वोवन स्लिटिंग मशीन का लोकार्पण समारोह सरस्वती शिशु मंदिर, आनंद नगर, मंडिया रोड, पाली में आयोजित किया गया। समारोह के मुख्य अत्तिथि प्रकाशचंद गुप्ता रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता भगवती देवी बलदावा ने की। इस अवसर पर देवपुर विधायक ज्ञानचंद पारख
सहित लघु उद्योग भारती के पदाधिकारी, उद्योग जगत से जुड़े प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि प्रकाशचंद गुप्ता ने कहा कि लघु उद्योग भारती
का उद्देश्य महिलाओं एवं युवाओं को स्थानीय स्तर पर अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि पहले नॉन वोवन बैग एवं संबंधित सामग्री गुजरात,
मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र से मंगानी पड़ती थी, लेकिन अब पाली में ही आधुनिक एवं स्वचालित मशीनों के माध्यम से इसका उत्पादन किया जाएगा। इससे स्थानीय उद्योगों को मजबूती मिलने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी सुजित होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्ष भगवती देवी बलदावा ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि महिलाओं का आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनना समाज के समग्र विकास की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि लघु उद्योग भारती को यह पहल महिलाओं को घर के निकट रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनके कौशल विकास और आत्मविश्वास को भी बढ़ाएगी। उन्होंने सभी उद्योगपतियों एवं सामाजिक संगठनों से ऐसे जनहितकारी प्रयासों में सहयोग देने का आह्वान किया। पूर्व विधायक ज्ञानचंद पारख
ने अपने संबोधन में कहा कि पालो औद्योगिक क्षेत्र के लिए यह पहल अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर नॉन-वोवन उत्पादों का निर्माण शुरू होने से उद्योगों की लागत कम होगी, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे तथा आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूती मिलेगी। उन्होंने लघु उद्योग भारती की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे विशेष रूप से महिलाओं और युवाओं को स्थायो रोजगार मिलने का मार्ग प्रशस्त होगा। पारख ने बताया कि इन मशीनों से 1 इंच से 50 इंच तक के विभिन्न आकार के नॉन-वोवन बैग तैयार किए जा सकेंगे। दोनों मशीनों की कार्यप्रणाली एक दूसरे के पूरक है तथा इन्हें स्थापित करने में लगभग 12 से 15 लाख रुपये की लागत आई है। लघु उद्योग भारती के पदाधिकारियों
ने बताया कि पाली शहर में अब तक 8 ऐसी मशीनें स्थापित की जा चुकी हैं। प्रत्येक मशीन के माध्यम से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 300 महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। संस्था की इस पहल से अब तक 25 हजार से अधिक महिलाओं एवं युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हो चुके हैं। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने में लघु उद्योगों की महत्वपूर्ण भूमिका है। महिलाओं को घर के निकट रोजगार उपलब्ध होने से उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और स्थानीय उद्योगों को भी नई गति मिलेगी। समारोह के अंत में लघु उद्योग भारती विनय बम्ब ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनों का आभार व्यक्त किया गया।


