लघु उद्योग भारती चंडीगढ़ द्वारा शनिवार को इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 स्थित एक होटल में “इंडस्ट्रियल अवेयरनेस प्रोग्राम” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य लघु एवं मझोले उद्योगों (एमएसएमई) को सरकारी योजनाओं, गुणवत्ता मानकों और नई औद्योगिक नीतियों से जोड़ना था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उद्योग प्रतिनिधियों और उद्यमियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ चंडीगढ़ इकाई के अध्यक्ष अवि भसीन ने किया। इस दौरान विशेषज्ञों ने जीएसटी से जुड़े नए प्रावधानों, एमएसएमई योजनाओं, भारतीय मानक ब्यूरो के गुणवत्ता मानकों तथा क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा दिए जाने वाले लीन सर्टिफिकेशन की विस्तृत जानकारी दी।
अवि भसीन ने कहा कि मजबूत उद्योग ही समृद्ध भारत की पहचान हैं और छोटे उद्योगों का सशक्त होना ही आत्मनिर्भर भारत की वास्तविक ताकत है। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धी दौर में एमएसएमई सेक्टर को तकनीक और गुणवत्ता के साथ लगातार अपडेट रहना होगा। यदि छोटे उद्योग सरकारी योजनाओं और आधुनिक मानकों से जुड़ते हैं, तो वे राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।
कार्यक्रम में वरिष्ठ सदस्य एवं सलाहकार राकेश रतन अग्रवाल, मनीष निगम, जरनैल सिंह, अक्षय चुघ, सुनील खेतरपाल, हरीश चौहान, प्रमोद शर्मा, उपिंदर वोहरा, संदीप मोंगिया और अभिनव जैन उपस्थित रहे।


