पाली में तीन मंजिला कौशल विकास केंद्र बनेगा, इसमें लैब और रिसर्च सेंटर भी होगा
लघु उद्योग भारती के कौशल केंद्र का रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव आज करेंगे शिलान्यास
पिछले 5 वर्ष से स्वावलंबन एवं स्वरोजगार के क्षेत्र में सक्रिय लघु उद्योग भारती अब 10 हजार स्क्वायर फीट में तीन मंजिला भवन बनाने जा रही है। इसमें लैब व रिसर्च सेंटर भी होगा।
शुक्रवार को पाली आ रहे रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव इसका शिलान्यास करेंगे। पुनायता औद्योगिक क्षेत्र में शुक्रवार शाम साढ़े 7 बजे शिलान्यास होगा। कार्यक्रम में लघु उद्योग भारती के अखिल भारतीय संगठन मंत्री प्रकाशचंद्र गुप्ता, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष व राज्यसभा सांसद मदन राठौड़, सांसद पीपी चौधरी एवं पूर्व विधायक ज्ञानचंद पाख मौजूद रहेंगे। लघु उद्योग भारतीय राजस्थान
के संयुक्त महामंत्री विनय बम्ब ने बताया कि अभी 15 हजार से ज्यादा महिलाएं सीधे रोजगार से जुड़ी हैं। अभियान को गति देने के लिए कौशल विकास केंद्र का निर्माण कराया जा रहा है। कौशल विकास केंद्र में अलग-अलग तरह के प्रशिक्षण दिए जाएंगे। इसका उद्देश्य स्थानीय लोगों को प्रशिक्षित करना करवाना, आवश्यक संसाधन उपलब्ध एवं मार्केट उपलब्ध करवाना है।
इसके लघु उद्योग में विभिन्न प्रकार के उत्पादों की क्वालिटी को अच्छी करना, निर्यात की संभावनाएं बढ़ाने जैसे क्षेत्र में कार्य किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त सरकार द्वारा लघु उद्योग के लिए आने वाली योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी यहां से उपलब्ध हो सकेगी।
कोविड में पलायन रोकने कर रहे थे तब रोजगार दिया, अब प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से 50 हजार रु. को रोजगार मिल रहा
कोविड महामारी में लोगों का अपने स्थानों से पलायन करने की स्थिति बनी एवं आर्थिक रूप से कई लोगों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया था। उसे स्थिति में प्रधानमंत्री, समाज में सदैव अच्छा कार्य करने वाले संगठनों ने स्वावलंबन एवं स्वरोजगार पर कार्य करने का
आह्वान किया। इस कड़ी में पाली लघु उद्योग भारती ने पूरे देश मे स्वावलंबन एवं स्वरोजगार का एक
रोल मॉडल खड़ा किया है। इस क्षेत्र में काम तो अनेक स्थानों पर होते हैं। प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से करीब 50 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिल रहा है।
15 हजार को प्रशिक्षण, संसाधन व मार्केट तक उपलब्ध कराया
प्रशिक्षण उसके बाद में साधन एवं फिर मार्केट उपलब्ध करवाया जाता है।
सीधे-सीधे 15 हजार से ज्यादा लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है।
3 हजार से ज्यादा महिलाओं को सिलाई का प्रशिक्षण दिया।
600 से ज्यादा को मेहंदी एवं ब्यूटी पार्लर का प्रशिक्षण दिया।
आसान किस्तों में 2 हजार से ज्यादा सिलाई मशीन उपलब्ध करवाई।
700 से ज्यादा चूड़ी पर नगीने लगाने की मशीन उपलब्ध करवाई।
मिट्टी के कुल्हड़ बनाने के लिए मशीन उपलब्ध करवाई गई है।


