उदयपुर (पुकार)। लघु उद्योग भारती, सुखेर इकाई ने राजस्थान के मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर रीको के औद्योगिक क्षेत्रों में उद्योगों को होटल, वेयरहाउस एवं ईवी चार्जिंग स्टेशन में परिवर्तित करने की अनुमति पर लगाए जा रहे अतिरिक्त शुल्क को समाप्त करने की मांग की है। संगठन ने इस शुल्क को अनुचित और उद्योगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बताया है।
सुखेर इकाई के अध्यक्ष विजय गोधा ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा रीको क्षेत्रों में होटल, वेयरहाउस और ईवी चार्जिंग गतिविधियों को औद्योगिक गतिविधि मानते हुए अनुमति संबंधी दिशा-निर्देश जारी करना स्वागतयोग्य कदम है। इससे औद्योगिक क्षेत्रों में निवेश और विविधीकरण को बढ़ावा मिलेगा। हालांकि, संगठन का कहना है कि इन गतिविधियों की अनुमति के लिए रीको द्वारा अतिरिक्त शुल्क वसूलना तर्कसंगत नहीं है। जब होटल, वेयरहाउस और ईवी चार्जिंग को औद्योगिक गतिविधि के रूप में मान्यता दी जा चुकी है और उद्यमी पहले से भूमि संबंधी सभी शुल्क तथा प्रतिवर्ष बढ़ी हुई दरों पर सर्विस चार्ज का भुगतान कर रहे हैं, तो अतिरिक्त शुल्क लगाने का कोई औचित्य नहीं बनता। लघु उद्योग भारती ने यह भी कहा कि रीको अथवा राज्य सरकार की ओर से इस अनुमति के बदले कोई अतिरिक्त सुविधा उपलब्ध नहीं कराई जा रही है, इसलिए उद्यमियों पर अतिरिक्त वित्तीय भार डालना उचित नहीं है। संगठन के सचिव हिमांशु मेहता ने सरकार से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग करते हुए कहा कि अतिरिक्त शुल्क को तत्काल प्रभाव से हटाया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की कि खातेदारी भूमि को कनवर्जन शुल्क देकर औद्योगिक भूमि में परिवर्तित करने वाले उद्यमियों को भी होटल, वेयरहाउस एवं ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने
की अनुमति बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के प्रदान की जाए। लघु उद्योग भारती ने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार उद्योग हित में इस विषय पर सकारात्मक निर्णय लेकर उद्यमियों को राहत प्रदान करेगी।


