जयपुर, लघु उद्योग भारती द्वारा आयुर्वेद एवं आयुष औषधि निर्माताओं के लिए ई-औषधि पोर्टल प्रशिक्षण विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला बैंकिंग आयाम के कन्वेयर श्री योगेश गौतम के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुई। कार्यक्रम में प्रदेशभर से लगभग 150 आयुर्वेद एवं आयुष औषधि निर्माताओं ने सहभागिता कर आगामी ऑनलाइन व्यवस्थाओं एवं ई-औषधि पोर्टल से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त की।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में लघु उद्योग भारती जयपुर प्रांत अध्यक्ष श्री महेंद्र मिश्रा, दिल्ली सरकार आयुर्वेद विभाग के राज्य लाइसेंसिंग अथॉरिटी डॉ. विजय गर्ग, आयुष मंत्रालय के सलाहकार श्री महेश शर्मा, राजस्थान आयुर्वेद विभाग के सहायक औषधि नियंत्रक श्री समय सिंह एवं जिला उद्योग एवं वाणिज्य अधिकारी श्रीमती कविता घोंसल्या उपस्थित रहे। कार्यक्रम का
शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन एवं मां भारती एवं धनवंतरी भगवान के समक्ष पुष्प अर्पित कर किया गया। इसके पश्चात कार्यक्रम संयोजक श्री विकास योगीराज ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कार्यशाला के उद्देश्य पर प्रकाश डाला।
अपने उद्बोधन में जयपुर प्रांत अध्यक्ष श्री महेंद्र मिश्रा ने लघु उद्योग भारती के इतिहास, संगठन की कार्यशैली एवं उद्योग हित में किए जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि लघु उद्योग भारती सदैव छोटे एवं मध्यम उद्योगों के हितों की रक्षा एवं उनके विकास के लिए प्रतिबद्ध रही है। कार्यक्रम के प्रथम सत्र में मुख्य अतिथि श्री योगेश गौतम ने आयुर्वेद निर्माताओं द्वारा सामना की जा रही विभिन्न प्रशासनिक एवं तकनीकी समस्याओं पर चर्चा करते हुए उनके शीघ्र निराकरण का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि उद्योगों के विकास के लिए सरल प्रक्रियाएं एवं प्रभावी संवाद आवश्यक हैं।
इसी सत्र में जिला उद्योग एवं वाणिज्य अधिकारी श्रीमती कविता घोंसल्या ने उद्योग विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, सब्सिडी, प्रोत्साहन योजनाओं एवं विकास सहायता कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने निर्माताओं से सरकारी योजनाओं का अधिकाधिक लाभलेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के द्वितीय एवं सबसे महत्वपूर्ण तकनीकी सत्र में डॉ. विजय गर्ग ने आगामी 1 जून 2026 से ऑनलाइन होने जा रही लाइसेंसिंग एवं अन्य विभागीय प्रक्रियाओं के बारे में अत्यंत सरल एवं सहज भाषा में विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने आयुष मंत्रालय द्वारा अनिवार्य किए गए ई-औषधि पोर्टल के संचालन, आवेदन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज, तकनीकी सावधानियां एवं व्यवहारिक समस्याओं के समाधान पर विस्तार से चर्चा की। डॉ. गर्ग ने कहा कि डिजिटल प्रणाली से कार्यों में पारदर्शिता, गति एवं सरलता आएगी
तथा निर्माताओं को समय पर सेवाएं प्राप्त हो सकेंगी। कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया एवं उन्हें व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। कार्यक्रम में प्रदेशभर से आए लगभग 150 निर्माताओं ने सक्रिय सहभागिता निभाई। आयोजन को सफल बनाने में कार्यक्रम संयोजक मंडल एवं मुख्य टीम के सदस्य श्री मनीष जौहरी, श्री अनिरुद्ध गोस्वामी, श्री पवन कुमार शर्मा, डॉ. अवनीश व्यास, श्री उद्रीण गुप्ता, श्री हरिराम रिणवा, श्री मुकेश अग्रवाल, श्री रामकिशोर काबरा एवं श्री आशीष सहित राजस्थान की निर्माता यूनियन का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम का प्रभावी एवं सुव्यवस्थित संचालन श्री अभ्युदय शर्मा द्वारा किया गया। अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी उद्योग हित में ऐसे उपयोगी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही।


