सीकर. वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के तहत गुरुवार को कलक्ट्रेट सभागार में सीएसआर कार्यशाला व समीक्षा बैठक आयोजित हुई। एडीएम रतन कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, भू-जल पुनर्भरण और जनभागीदारी को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई। एडीएम ने कहा कि अभियान को जनआंदोलन का रूप देने के लिए सरकारी विभागों, निजी संस्थाओं और कॉर्पोरेट क्षेत्र की सक्रिय भागीदारी जरूरी बताते हुए सीएसआर फंड से पौधारोपण, जल संरक्षण, शिक्षा, खेल गतिविधियों और सामुदायिक विकास कार्य प्राथमिकता
से करने पर जोर दिया। ग्रामीण विकास व पंचायती राज विभाग, स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण और राजीविका के जरिये प्राचीन तालाबों, जोहड़ों व अन्य जल स्रोतों की मैपिंग, साफ-सफाई और मरम्मत कार्य की जानकारी भी दी। बैठक में जिला
परिषद सीईओ राजपाल यादव, जिला उद्योग केंद्र महाप्रबंधक विकास सिहाग, अधिशाषी अभियंता रामकुमार चाहिल, उप वन संरक्षक दीपक कुमार, पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड आरओ सविता, भू-जल वैज्ञानिक दिनेश शर्मा, लघु उद्योग भारती प्रदेश
महासचिव सुधीरकुमार गर्ग, प्रदेश, कार्यकारिणी सदस्य संजय मोर, सीकर इकाई अध्यक्ष हरीशंकर अग्रवाल, सचिव कृष्णकुमार पुरोहित, कार्यकारिणी सदस्य संजय तूनवाल, प्रहलाद सैनी आदि मौजूद रहे।
बैठक में लघु उद्योग भारती जिला इकाई ने औद्योगिक क्षेत्रों में वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने और सघन वृक्षारोपण के लिए सहयोग का भरोसा दिया। मामले में कलक्टर आशीष मोदी को ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन में आर्थिक व तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं लगा पाने वाली लघु उद्याग इकाइयों पर पेनल्दी माफ कर 31 मार्च 2027 तक छूट बढ़ाने की मांग की।


