लघु उद्योग भारती के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने राजस्थान में सूक्ष्म, लघु उद्योगों एवं खनन क्षेत्र से जुड़ी ज्वलंत समस्याओं के समाधान हेतु अतिरिक्त मुख्य शासन सचिव (खान एवं पेट्रोलियम) एवं राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल की अध्यक्ष अपर्णा अरोड़ा के साथ सचिवालय में विस्तृत समीक्षा बैठक की। इस बैठक में संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ नीतिगत एवं तकनीकी विषयों पर गहन मंथन हुआ।
प्रतिनिधिमंडल में घनश्याम ओझा (पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष), शांतिलाल बालड (राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य), योगेन्द्र कुमार शर्मा (प्रदेश अध्यक्ष), सुधीर कुमार गर्ग (प्रदेश महासचिव), कपिल सुराणा, पूनम जैन, राकेश चोरड़िया एवं प्रदीप सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
बैठक में जोधपुर, पाली एवं बालोतरा सहित विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में उद्योगों से निकलने वाले अपशिष्ट जल के निस्तारण, सीईटीपी (CETP) एवं ईटीपी (ETP) संचालन में आ रही समस्याओं और प्रदूषण नियंत्रण मंडल द्वारा ली जा रही उच्च जमा राशि पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने इस विषय पर पुनर्विचार का आश्वासन दिया तथा उद्योग संगठनों से अनुशासन बनाए रखने में सहयोग की अपेक्षा जताई।
खनन क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर भी गंभीरता से विचार-विमर्श हुआ, जिसमें माइनिंग स्कीम के नवीनीकरण, मध्यवर्ती अवधि के उत्पादन को ‘अनियमित खनन’ की श्रेणी में रखने तथा अत्यधिक जुर्माने की व्यवस्था समाप्त करने जैसे महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए।
तकनीकी बाधाओं के समाधान हेतु एसएसओ आईडी के माध्यम से एक ही फर्म की दूसरी यूनिट के लिए सीटीओ आवेदन में आ रही समस्याओं को दूर करने, 1 हेक्टेयर तक की लघु खदानों के लिए ड्रोन सर्वे की अनिवार्यता समाप्त करने तथा क्वार्ट्ज-फेल्सपार खनिजों के माइनिंग प्लान अनुमोदन में सुधार की मांग भी रखी गई।
इसके अतिरिक्त बीकानेर, बालोतरा एवं बाड़मेर क्षेत्र की बंद पड़ी सैलेनाइट खदानों को पुनः शुरू करने का आग्रह किया गया, ताकि एमएसएमई इकाइयों को कच्चे माल की आपूर्ति सुचारू रूप से हो सके।
अतिरिक्त मुख्य शासन सचिव अपर्णा अरोड़ा सहित उपस्थित अधिकारियों ने सभी बिंदुओं को गंभीरता से सुना और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए नियमसम्मत एवं व्यावहारिक समाधान निकालने का आश्वासन दिया। यह बैठक उद्योगों की समस्याओं के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।


