कंपनी संशोधन विधेयक 2026 पर लघु उद्योग भारती के सुझावों को संसदीय संयुक्त समिति ने दी महत्वपूर्ण मान्यता
कंपनी संशोधन विधेयक 2026 के संबंध में गठित संसदीय संयुक्त समिति के समक्ष अपने विचार एवं सुझाव प्रस्तुत करने के लिए लघु उद्योग भारती को आमंत्रित किया गया था। संगठन की ओर से अखिल भारतीय सह-कोषाध्यक्ष सीए निर्मल कुमार ओझा जी ने नई दिल्ली में पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से विधेयक के विभिन्न प्रावधानों पर लघु उद्योग भारती के सुझाव एवं दृष्टिकोण समिति के समक्ष प्रस्तुत किए।
प्रस्तुति के पश्चात समिति द्वारा कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न एवं बिंदु रखे गए, जिनका लघु उद्योग भारती की ओर से विस्तृत लिखित उत्तर प्रस्तुत किया गया। इस प्रक्रिया में लघु उद्योग भारती के साथ-साथ विभिन्न उद्योग संगठनों, सरकारी संस्थाओं एवं संबंधित विभागों को भी आमंत्रित कर उनके विचार प्राप्त किए गए।
सभी पक्षों के साथ विस्तृत चर्चा एवं विचार-विमर्श के बाद संसदीय संयुक्त समिति ने दिनांक 3 अगस्त 2026 को अपनी रिपोर्ट लोकसभा के पटल पर प्रस्तुत की। यह लघु उद्योग भारती के लिए हर्ष का विषय है कि संगठन द्वारा दिए गए सुझावों में लगभग 85% सुझावों को समिति ने स्वीकार किया है, जबकि समिति द्वारा पूछे गए प्रश्नों के उत्तरों में से लगभग 69% बिंदुओं को रिपोर्ट में पूर्ण अथवा आंशिक रूप से सम्मिलित किया गया है।
लघु उद्योग भारती द्वारा प्रस्तुत सुझावों को समिति की रिपोर्ट में स्थान मिलना संगठन के निरंतर प्रयासों और देश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (MSME) के हितों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
सभी सदस्यों एवं उद्यमियों का उनके बहुमूल्य सुझाव एवं सहयोग के लिए हार्दिक आभार। आपके सुझावों ने इस महत्वपूर्ण विधायी प्रक्रिया में उद्योग जगत की आवाज को प्रभावी रूप से प्रस्तुत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
लघु उद्योग भारती द्वारा प्रस्तुत सुझावों एवं संसदीय संयुक्त समिति की रिपोर्ट में प्राप्त परिणामों की विस्तृत जानकारी शीघ्र ही सभी सदस्यों के अवलोकन हेतु साझा की जाएगी।