पानीपत, हरियाणा | 10 जून 2026
लघु उद्योग भारती द्वारा एसडी पीजी कॉलेज, पानीपत में आयोजित लघु उद्यमी सम्मेलन का सफलतापूर्वक समापन हुआ। सम्मेलन में 250 से अधिक उद्योगपतियों, उद्यमियों एवं विभिन्न औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता कर एमएसएमई क्षेत्र की वर्तमान चुनौतियों, संभावनाओं तथा उनके त्वरित एवं दीर्घकालिक समाधान पर गंभीर मंथन किया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता लघु उद्योग भारती के अखिल भारतीय संगठन मंत्री श्री प्रकाश जी ने “एमएसएमई: वर्तमान परिदृश्य, समस्याएं एवं उनके त्वरित एवं दूरगामी समाधान” विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग देश की अर्थव्यवस्था और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का मजबूत आधार हैं। उन्होंने कहा कि भारत ने अनेक चुनौतियों को पार करते हुए विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में अपना स्थान बनाया है और उद्योग जगत की निरंतर प्रगति के लिए दृढ़ संकल्प एवं निरंतर प्रयास आवश्यक हैं।
श्री प्रकाश जी ने कहा कि लघु उद्योग भारती उद्योग जगत की छोटी से छोटी समस्या के समाधान के लिए सदैव प्रयासरत है। उन्होंने सभी उद्यमियों से आग्रह किया कि वे अपनी समस्याओं और सुझावों को संगठन तक पहुंचाएं, ताकि उन्हें सरकार एवं संबंधित नीतिगत संस्थाओं के समक्ष प्रभावी रूप से रखा जा सके। उन्होंने विश्वास दिलाया कि कुछ समस्याओं का समाधान तत्काल संभव होता है, जबकि कुछ मुद्दों पर निरंतर प्रयासों से दीर्घकालिक समाधान प्राप्त किए जाते हैं।
सम्मेलन में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित अखिल भारतीय उपाध्यक्ष एवं उत्तरी क्षेत्र समन्वयक एडवोकेट अरविंद धूमल जी ने लघु उद्योग भारती की विचारधारा, कार्यप्रणाली एवं देश के औद्योगिक विकास में उसके योगदान की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आज लघु उद्योग भारती देशभर में 70 हजार से अधिक सदस्यों के साथ एक सशक्त औद्योगिक संगठन के रूप में कार्य कर रही है, जिसकी इकाइयाँ भारत के विभिन्न राज्यों और जिलों में सक्रिय हैं।
अखिल भारतीय कार्यसमिति सदस्य एवं उत्तरी क्षेत्र सह-समन्वयक शुभ आदेश मित्तल जी ने उद्योगपतियों से संगठन से जुड़कर अपनी समस्याओं को साझा करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि लघु उद्योग भारती उद्यमियों की कठिनाइयों को सरकार और संबंधित विभागों तक पहुंचाकर उनके समाधान के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष श्री रमन सलूजा जी ने कहा कि प्रदेश में लघु उद्योग भारती की जिला इकाइयाँ सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं तथा प्रत्येक जिले के उद्योगों की अलग-अलग आवश्यकताओं और समस्याओं को ध्यान में रखते हुए उनके समाधान के लिए समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने सभी उद्यमियों से संगठन की गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता का आग्रह किया।
प्रदेश महामंत्री मनोज रंगटा जी ने संगठन की भावी योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आने वाले समय में लघु उद्योग भारती देशभर के लघु उद्योगों की समस्याओं के समाधान में और अधिक प्रभावी भूमिका निभाएगी।
सम्मेलन की अध्यक्षता सुप्रसिद्ध उद्योगपति भीम राणा जी ने की। उन्होंने पानीपत के समस्त उद्योग जगत का सम्मेलन में सहभागिता के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उद्योगों की चिंता और उनके विकास के लिए समर्पित ऐसे सामाजिक एवं औद्योगिक संगठनों की देश को आवश्यकता है।
लघु उद्योग भारती, पानीपत के अध्यक्ष कपिल गुप्ता जी ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित उद्यमियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि पानीपत देश की प्रमुख औद्योगिक नगरी है, जहां टेक्सटाइल उद्योग स्थानीय अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा है। उन्होंने बताया कि हाल ही में पानीपत के टेक्सटाइल उद्योग से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुझाव लघु उद्योग भारती के माध्यम से केंद्र सरकार के संबंधित विभागों तक पहुंचाए गए, जिन्हें स्वीकार भी किया गया। उन्होंने यह भी बताया कि लघु उद्योग भारती के दो सदस्य अतुल मित्तल एवं अजय बंसल को नेशनल टेक्सटाइल डिवीजन में ईएम पद पर नियुक्त किया जाना पानीपत के औद्योगिक जगत के लिए गर्व का विषय है।
इस अवसर पर प्रदेश महामंत्री मनोज रंगटा, सेक्टर-29 के प्रधान भगवान अग्रवाल, अतुल मित्तल, एच.सी. धामू, विनोद धमीजा, विनोद खंडेलवाल, राजीव अग्रवाल, अनिल मित्तल, वीरभान सिंगला, अजय गुप्ता, मनोज अरोड़ा, महेश थरेजा, महेंद्र कंसल, सतिंद्र गुलिया, राजपाल, नितिन अरोड़ा, जगदीश जैन, ललित जैन, अजय बंसल, अनूप गर्ग, दिनेश गोयल, महेंद्र अग्रवाल, प्रमोद बंसल सहित अनेक प्रमुख उद्योगपति उपस्थित रहे।
सम्मेलन के आयोजन में लघु उद्योग भारती, पानीपत के अध्यक्ष कपिल गुप्ता एवं प्रभारी भूपेंद्र शर्मा का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम का संचालन कपिल गुप्ता द्वारा किया गया।
यह सम्मेलन पानीपत के औद्योगिक जगत के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ, जहां उद्योगों से जुड़ी समस्याओं, सुझावों और भविष्य की योजनाओं पर सार्थक चर्चा हुई। सम्मेलन ने उद्यमियों में नई ऊर्जा और विश्वास का संचार करते हुए लघु उद्योग भारती के साथ अधिक सशक्त सहभागिता का मार्ग प्रशस्त किया।