किशनगढ़ (राजस्थान)। लघु उद्योग भारती के चित्तौड़ प्रांत की प्रांतीय बैठक किशनगढ़ में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई। बैठक में राजस्थान के विभिन्न जिलों से आए 150 से अधिक उद्यमियों, संगठन पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने सहभागिता करते हुए संगठन की प्रगति, आगामी योजनाओं तथा उद्योग जगत से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा की।
बैठक में गत वर्ष की संगठनात्मक गतिविधियों का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया तथा आगामी वर्ष के लक्ष्यों एवं कार्ययोजना पर विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर बताया गया कि संगठनात्मक सुदृढ़ीकरण के उद्देश्य से राजस्थान को जयपुर, जोधपुर एवं चित्तौड़—इन तीन प्रांतों में विभाजित किया गया है। चित्तौड़ प्रांत के अंतर्गत अजमेर सहित प्रदेश के 14 जिले आते हैं तथा सदस्य संख्या एवं इकाई संख्या के आधार पर यह प्रांत देशभर में प्रथम स्थान पर है।
बैठक के दौरान विभिन्न जोन प्रभारियों ने अपनी-अपनी इकाइयों की सदस्य संख्या, वर्षभर आयोजित कार्यक्रमों एवं भविष्य की योजनाओं का प्रस्तुतीकरण किया। कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए अजमेर, ब्यावर, भीलवाड़ा एवं उदयपुर में कौशल विकास केंद्र स्थापित करने की योजना की समीक्षा की गई। बताया गया कि चारों स्थानों पर भूमि आवंटन की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है तथा अजमेर में भवन निर्माण कार्य उन्नत चरण में है।
महिला उद्यमिता को सशक्त बनाने के उद्देश्य से ‘स्वयंसिद्ध’ परियोजना की मानक परिचालन प्रक्रिया (SOP) पर विस्तार से चर्चा हुई। साथ ही संगठन की बैंकिंग व्यवस्था, ‘लीप’ पोर्टल के माध्यम से सदस्यों के बीच व्यापारिक सहयोग बढ़ाने की रणनीति तथा लघु उद्योग भारती द्वारा आयोजित ‘स्टोनमार्ट’ एवं ‘पश्चिम राजस्थान उद्योग मेला’ जैसे आयोजनों पर भी विचार किया गया।
लघु उद्योग भारती के निवर्तमान अखिल भारतीय अध्यक्ष ने अपने संबोधन में कार्यकर्ता निर्माण एवं उनके सतत विकास को संगठन की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए कहा कि इकाई स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक संगठन का प्रभाव निरंतर बढ़ रहा है। वहीं संगठन मंत्री श्री प्रकाश चंद्र जी ने भारतीय चिंतन के अनुरूप उद्योग विकास को राष्ट्र निर्माण का आधार बताते हुए आत्मनिर्भर एवं स्वदेशी दृष्टिकोण पर बल दिया।
बैठक के खुले सत्र में 14 जिलों से आए उद्यमियों ने उद्योगों से जुड़ी विभिन्न समस्याएँ एवं सुझाव रखे। इन विषयों पर विस्तृत चर्चा करते हुए उनके समाधान हेतु आगामी कार्ययोजना तैयार की गई तथा विभिन्न समितियों एवं कार्यदल का गठन किया गया। विद्युत, खनन, पर्यावरण, उद्योग तथा रीको से जुड़े विषयों के समाधान के लिए अलग-अलग दायित्व निर्धारित किए गए। साथ ही उत्पाद समूहों के माध्यम से सेक्टर आधारित समस्याओं को नीति सुधारों से जोड़ने की दिशा में कार्य करने पर भी सहमति बनी।
बैठक में प्रदेश महामंत्री श्री सुधीर गर्ग, सभी प्रदेश उपाध्यक्ष, उत्पाद समूह प्रभारी एवं प्रांतीय पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रांत महामंत्री श्री प्रवीण गुप्ता ने किया।