इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर शुरू
लघु उद्योग भारती की उदयपुर इकाई की ओर से 11वें इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर (आईआईएफ-2025) का आगाज शुक्रवार को हुआ। दिल्ली पब्लिक स्कूल ग्राउंड पर इस मेले में 4 डोम में 200 से अधिक प्रतिभागी अपने उत्पादों और कार्य को प्रदर्शित कर रहे हैं। इनमें से एक डोम सिर्फ महिला उद्यमियों के लिए है।
इनमें पहला डोम महाराणा प्रताप, दूसरा डोम भगवान विश्वकर्मा, तीसरा भामाशाह और चौथा अहिल्या बाई के नाम पर है। इनमें मैन्यूफैक्चरिंग, सर्विस सेक्टर, हॉर्टिकल्चर, फूड प्रोसेसिंग सहित कई सेगमेंट शामिल हैं। सांसद मन्नालाल रावत, शहर विधायक ताराचंद जैन समेत अन्य अतिथियों ने सुबह 11 बजे दीप जलाकर आईआईएफ का तथा मौली बंधन खोलकर स्टाल्स का उद्घाटन किया। सांसद ने कहा कि महिलाओं के लिए अलग डोम देखकर गर्व की अनुभूति हुई। उद्यम क्षेत्र में भी महिलाएं सफलता के झंडे गाड़ रही हैं। विधायक जैन ने कहा कि उद्योगों को इस मेले से नया प्लेटफार्म मिलेगा। ऐसे मेले लगातार लगने चाहिए। संगठन मंत्र व डीपीएस के बच्चों द्वारा विश्वकर्मा की आरती के साथ समारोह की शुरुआत हुई। अखिल भारतीय संगठन मंत्री प्रकाश चंद्र ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में लघु उद्योगों का महत्वपूर्ण योगदान होगा। लघु उद्योगों की तपस्या से निकला अमृत भारत को विश्व में नंबर वन बनाएगा। उन्होंने कहा कि बाहरी दखल ने हमारे संस्कारों और शिक्षा पद्धति में घुसपैठ की और हमें सामूहिकता से व्यक्तिवादिता की ओर धकेल दिया। आज सभी मैं और मेरा परिवार तक सीमित हो चले हैं। यह भारतीय सनातन संस्कृति का मूल स्वभाव नहीं है। हमारी परम्परा 'सर्वे भवन्तु सुखिनः' की है। इसी मंत्र को फिर से समाज में स्थापित करते हुए एक-दूसरे को सशक्त करेंगे।
लघु उद्योग भारती के राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष शांतिलाल बालड़ ने संगठन के आग्रह पर टीपी हटाने पर सीएम भजनलाल का आभार जताया। बालड़ ने बताया कि सीएम ने इस बात पर भी सहमति जताई है कि उद्योग अपनी आवश्यकता से 200 प्रतिशत तक सोलर ऊर्जा का कैप्टिव पावर प्लांट लगा सकेंगे। अब तक सिर्फ उद्योगों को आवश्यकता अनुसार ही सौर बिजली उत्पादन की अनुमति थी। यह नीति संभवतः ग्रीन एनर्जी पॉलिसी मीटिंग या बजट में आ सकती है और इस नीति के साथ ही राजस्थान में बिजली की उपलब्धता बढ़ेगी।

