कृषि विवि व लघु उद्योग भारती के बीच एमओयू
कौशल आधारित उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा, युवाओं के लिए एंटरप्रेन्योरशिप व प्लेसमेंट के बढ़ेंगे अवसर
जोधपुर, 1 जून (जलतेदीप)। किसानों व युवाओं में कौशल विकास को गति देने व आय सजून के लिए बाजार में नये अवसर उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से सोमवार को कृषि विश्वविद्यालय जोधपुर व लघु उद्योग भारती के बीच एमओयू किया गया। इस मौके पर विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर वीरेंद्र सिंह जैतावत ने कहा कि कृषि
विश्वविद्यालय की ओर से किसानों व युवाओं के लिए लगातार विभिन्न कौशल संवर्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं, अब इस एमओयू के माध्यम से प्रशिक्षण कार्यक्रमों को नई ऊंचाई मिलेगी। लघु उद्योग भारती के सहयोग से युवाओं को एंटरप्रेन्योरशिप के साथ-साथ प्लेसमेंट मे भी मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि इस संयोजन के माध्यम से कृषि व पशुपालन आधारित उत्पादों को मूल्य संवर्धन कर बाजार में पहुंचाने के नए अवसर मिलेंगे, इससे किसानों की आर्थिकी को भी मजबूती मिलेगी। लघु उद्योग भारती के निवर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष घनश्याम ओझा ने कहा कि यह संगठन कुटीर, सूक्ष्म, लघु और माध्यम उद्योगों की उन्नति के लिए कार्यरत है। विश्वविद्यालय के साथ इस संयोजन के माध्यम से हमें किसानों के लिए ऐसा तंत्र विकसित करना है कि कृषि व पशुपालन आधारित उद्योगों से प्राप्त आय अधिक से अधिक किसानों के पास पहुंचे। इस मौके पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव समदर सिंह भाटी, लघु उद्योग भारती के प्रदेश उपाध्यक्ष महावीर चोपड़ा, प्रदेश महामंत्री सुरेश कुमार विश्नोई, जोधपुर प्रांत अध्यक्ष दीपक माथुर व मंडोर इकाई अध्यक्ष पूनम चंद तंवर ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में नोडल अधिकारी, केकेवीके, डॉ प्रियंका स्वामी ने आभार जताया। संचालन प्रशिक्षण अधिकारी नीलिमा मकवाना ने किया।


