मेक इन हरियाणा इंडस्ट्रियल पॉलिसी से उद्योगों को मिलेगी गति : संगठन
पॉलिसी का लघु उद्योग भारती के प्रतिनिधियों ने किया स्वागत, सीएम से भी की मुलाकात
मुख्यमंत्री से मुलाकात करते लघु उउद्योग भारती के सदस्य।
गुरुग्राम। राष्ट्रीय औद्योगिक संगठन लघु उद्योग भारती ने हरियाणा सरकार द्वारा राज्य के औद्योगिक परिदृश्य को बदलने के लिए लाई गई ऐतिहासिक मेक इन हरियाणा इंडस्ट्रियल पॉलिसी 2026 और 9 अन्य सेक्टोरल नीतियों का जोरदार स्वागत किया है।
इन दूरगामी नीतियों को उद्योग जगत को समर्पित किए जाने पर संगठन ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह का विशेष धन्यवाद ज्ञापन किया है।
ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) को नई गति मिलेगी और प्रदेश में उद्योगों के लिए अधिक अनुकूल एवं प्रतिस्पर्धी वातावरण का निर्माण होगा।
कार्यक्रम के दौरान हरियाणा में विभिन्न औद्योगिक एवं अवसंरचनात्मक परियोजनाओं हेतु लगभग 1.10 लाख करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश से संबंधित एमओयू (एमयूएन) भी हस्ताक्षरित किए गए, जो प्रदेश की औद्योगिक क्षमता एवं निवेशकों के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।
पानी के कनेक्शन नवीनीकरण को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा
गुरुग्राम। मेक इन हरियाणा पॉलिसी-2026 का उद्घाटन करने गुरुग्राम पहुंचे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से गुड़गांव इंडस्ट्रियल एसोसिएशन (जीआईए) के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की।
जीआईए प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को हरियाणा वाटर रिसोर्सेज अथॉरिटी (एचडब्ल्यूआरए) द्वारा उद्योगों के लाइसेंस रिन्यूअल आवेदन पत्रों में हो रही देरी के संबंध में एक ज्ञापन सौंपा और इस समस्या के शीघ्र समाधान का अनुरोध किया। प्रतिनिधिमंडल ने अवगत कराया कि
सीएम ने मामले में शीघ्र आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए
लाइसेंस नवीनीकरण प्रक्रियाओं में विलंब के कारण उद्योगों को विभिन्न प्रशासनिक एवं परिचालन संबंधी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने जीआईए द्वारा उठाए गए इस विषय को गंभीरता से लिया और मौके पर उपस्थित संबंधित विभागीय अधिकारियों को इस मामले में शीघ्र आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। संवाद
छोटे उद्योगों का भी सरकार रखे ख्याल
गुरुग्राम। हरियाणा सरकार ने सोमवार को नई औद्योगिक नीति जारी की व1.10 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों के एमओयू हुए। 12 नए औद्योगिक नगर बनाने की योजना के साथ मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस औद्योगिक नीति को हरियाणा के आर्थिक विकास के अगले चरण का रोडमैप बताया। तमाम सुनहरे दावों और कार्यों की घोषणा के बावजूद गुरुग्राम और मानेसर के एमएसएमई उद्यमियों को नई औद्योगिक नीति में अपनी कोई बात नजर नहीं आ रही है। उद्यमियों का कहना है कि प्रदेश के विकास की इस नीति का स्वागत है मगर लघु, मध्यम और सूक्ष्म उद्योगों के लिए सरकार को ठोस और व्यवहारिक नीति बनाने की जरूरत है। फेडरेशन ऑफ फार्मा इंटरप्रेन्योर के अध्यक्ष बीआर सिकरी, मानेसर इंडस्ट्रीज वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश गुप्ता व उद्योग विहार चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष अशोक कोहली ने बताया कि यह पॉलिसी हरियाणा को देश का प्रमुख औद्योगिक और मैन्युफैक्चिरिंग हब बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे रोजगार में वृद्धि होगी। सिंगल विंडो क्लीयरेंस और सरकारी प्रक्रियाओं के डिजिटलाइजेशन से नए उद्योग लगाना आसान होगा। संवाद
कार्यक्रम में लघु उद्योग भारती की ओर से अरुण बजाज (सह-प्रभारी, हरियाणा प्रांत), सीए मनोज कुमार रुंगटा (महासचिव, हरियाणा प्रांत), विनोद गुप्ता (जिला अध्यक्ष, गुरुग्राम), विनोद वाधवा महासचिव, गुरुग्राम) उपस्थित रहे। (जिला आदि
लघु उद्योग भारती के प्रतिनिधिमंडल ने इस अवसर पर कार्यक्रम में सहभागिता करते हुए नई औद्योगिक नीति का स्वागत किया। संगठन का मानना है कि यह दूरदर्शी एवं उद्योग हितैषी नीति हरियाणा को निवेश, विनिर्माण, निर्यात, नवाचार तथा रोजगार सृजन के क्षेत्र में नई


