अलीगढ़ में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान लघु उद्योग भारती ने उत्तर प्रदेश में उद्योगों के विकास हेतु राजस्थान मॉडल लागू करने की मांग उठाई। इस अवसर पर संगठन के राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष योगेंद्र कुमार शर्मा ने उद्यमियों को संबोधित करते हुए बताया कि राजस्थान सरकार ने अपशिष्ट उपचार संयंत्र (ETP) के लिए 500 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है, जिससे कॉमन प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं। साथ ही, 400 वर्ग मीटर तक की कृषि भूमि पर बिना अनुमति उद्योग स्थापित करने की सुविधा भी दी गई है, जो उद्यमियों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही है।
उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार से अपील की कि इसी प्रकार का मॉडल यहां भी लागू किया जाए, जिससे सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को बढ़ावा मिल सके। प्रदेश संयुक्त महामंत्री डॉ. गौरव मित्तल और जिलाध्यक्ष योगेश गोस्वामी ने भी कहा कि राज्य में ETP के लिए अतिरिक्त बजट और नियमों में सरलता हेतु संगठन सरकार के समक्ष अपनी मांग रखेगा।
रामघाट रोड स्थित एक होटल में आयोजित बैठक में स्थानीय उद्यमियों ने ताला-हार्डवेयर, पीतल मूर्ति एवं अन्य उत्पादों से संबंधित विषयों पर विस्तृत चर्चा की। वक्ताओं ने यह भी कहा कि योगी सरकार ने प्रदेश में सकारात्मक औद्योगिक वातावरण तैयार किया है, जिससे देश-विदेश के निवेशकों का रुझान बढ़ा है और नए औद्योगिक क्षेत्रों का विकास हुआ है। संगठन सरकार और उद्योगों के बीच एक सेतु के रूप में कार्य कर रहा है।
योगेंद्र कुमार शर्मा ने यह भी उल्लेख किया कि संगठन के प्रयासों से राजस्थान में धारा 304 को संशोधित कर 304(ए) किया गया है, जिससे किसी औद्योगिक दुर्घटना की स्थिति में बिना जांच के उद्यमियों की गिरफ्तारी नहीं होगी—यह उद्योगों के लिए एक महत्वपूर्ण राहत है।
कार्यक्रम के अंत में ब्रज संभाग के पदाधिकारियों एवं सदस्यों द्वारा योगेंद्र कुमार शर्मा का शाल ओढ़ाकर एवं प्रतीक चिन्ह स्वरूप ताला भेंट कर सम्मान किया गया।


