मुरादनगर (गाजियाबाद), उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम (UPSIC), मैनेजमेंट एंड एंटरप्रेन्योरशिप एंड प्रोफेशनल स्किल्स काउंसिल (MEPSC) एवं लघु उद्योग भारती के संयुक्त तत्वावधान में मुरादनगर में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) के लिए “ESG (Environmental, Social & Governance), ZED (Zero Defect Zero Effect) Certification एवं प्रौद्योगिकी उन्नयन योजना (Technology Upgradation Scheme)” विषय पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में बड़ी संख्या में उद्यमियों, विनिर्माण इकाइयों, निर्यातकों एवं उद्योग प्रतिनिधियों ने सहभागिता करते हुए गुणवत्ता, तकनीकी उन्नयन और सतत औद्योगिक विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लघु उद्योग भारती के संभाग अध्यक्ष श्री पवन सिंघल तथा विशिष्ट अतिथि उपायुक्त, जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र (DIC), गाजियाबाद श्री आशुतोष सिंह रहे। इस अवसर पर संभाग महामंत्री श्री अनुपम गुप्ता, मेरठ मंडल अध्यक्ष श्री अम्बरीश गोयल, जिला अध्यक्ष श्री दीपक गुप्ता, संभाग सचिव श्री पंकज गोयल, नगर अध्यक्ष श्री राजकुमार गर्ग, नगर महामंत्री श्री रमन गोयल, नगर कोषाध्यक्ष श्री अशोक गुप्ता, वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री जितेन्द्र चौधरी सहित लघु उद्योग भारती के अनेक पदाधिकारी एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ स्वागत एवं अभिनंदन के साथ हुआ। मेरठ मंडल अध्यक्ष श्री अम्बरीश गोयल ने कहा कि वर्तमान समय में MSMEs के लिए गुणवत्ता, तकनीकी नवाचार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को अपनाना अनिवार्य हो गया है। उन्होंने कहा कि लघु उद्योग भारती निरंतर ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से उद्यमियों को सरकार की योजनाओं, आधुनिक तकनीकों एवं गुणवत्ता आधारित औद्योगिक विकास से जोड़ने का कार्य कर रही है।
मुख्य अतिथि श्री पवन सिंघल ने अपने संबोधन में कहा कि भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाने में MSMEs की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि आज का उद्योग केवल उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि गुणवत्ता, पर्यावरणीय उत्तरदायित्व, तकनीकी दक्षता और सतत विकास को अपनाने वाला उद्योग ही भविष्य का नेतृत्व करेगा। उन्होंने उद्यमियों से ESG, ZED प्रमाणन एवं प्रौद्योगिकी उन्नयन जैसी पहलों को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि इससे उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों में नए अवसर प्राप्त होंगे।
विशिष्ट अतिथि श्री आशुतोष सिंह ने केंद्र एवं उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित विभिन्न औद्योगिक योजनाओं की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (CM-YUVA), औद्योगिक भूमि आवंटन, पूंजीगत अनुदान, ब्याज अनुदान तथा अन्य निवेश प्रोत्साहन योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने उद्यमियों से सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाकर अपने उद्योगों के विस्तार और आधुनिकीकरण की दिशा में आगे बढ़ने का आग्रह किया।
कार्यक्रम के उद्योग विशेषज्ञ एवं फैसिलिटेटर श्री चिराग पटेल ने ESG एवं ZED Certification पर विस्तृत प्रस्तुति देते हुए बताया कि वैश्विक व्यापार में ESG उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता का महत्वपूर्ण आधार बन चुका है। उन्होंने पर्यावरणीय उत्तरदायित्व, सामाजिक दायित्व और सुशासन के महत्व के साथ ZED Bronze, Silver एवं Gold Certification के विभिन्न स्तरों, गुणवत्ता सुधार, उत्पादकता वृद्धि तथा वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में उद्योगों की विश्वसनीयता बढ़ाने में इसकी भूमिका को विस्तार से समझाया।
MEPSC के जिला समन्वयक श्री आलोक राय ने प्रौद्योगिकी उन्नयन योजना पर जानकारी देते हुए आधुनिक मशीनरी, डिजिटलाइजेशन, ऊर्जा दक्षता, प्रक्रिया सुधार एवं तकनीकी नवाचार को MSMEs की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने का आधार बताया। उन्होंने कहा कि सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से वित्तीय सहायता एवं तकनीकी सहयोग उपलब्ध करा रही है, जिनका लाभ उठाकर उद्योग भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को विकसित कर सकते हैं।
कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को ESG, ZED Certification, गुणवत्ता सुधार, ऊर्जा दक्षता, डिजिटलाइजेशन तथा विभिन्न सरकारी प्रोत्साहन योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि ZED प्रमाणन से MSMEs को गुणवत्ता सुधार, लागत में कमी, बाजार विस्तार तथा सरकारी प्रोत्साहनों का लाभ प्राप्त होता है, जबकि प्रौद्योगिकी उन्नयन योजनाएँ उद्योगों की उत्पादकता और दक्षता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
संवादात्मक सत्र में उद्यमियों ने विभिन्न योजनाओं से संबंधित प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने विस्तारपूर्वक समाधान किया। प्रतिभागियों ने कार्यशाला को अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम MSMEs को बदलते औद्योगिक परिवेश के अनुरूप तैयार करने तथा उन्हें अधिक प्रतिस्पर्धी एवं आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में लघु उद्योग भारती, मुरादनगर इकाई की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस अवसर पर सहायक आयुक्त, जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र (DIC), गाजियाबाद श्री मोहम्मद आक़ीफ़ सहित विभागीय अधिकारियों की टीम भी उपस्थित रही। अंत में सभी अतिथियों, वक्ताओं, अधिकारियों एवं सहभागी उद्यमियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।