लघु उद्योग भारती, राजस्थान कौशल विकास का राष्ट्रीय मॉडल बनने की दिशा में अग्रसर
दिनांक 18 मई 2026 को जयपुर स्थित सोहन सिंह स्मृति कौशल विकास केंद्र में लघु उद्योग भारती, राजस्थान प्रदेश के तत्वावधान में एक महत्वपूर्ण प्रदेश स्तरीय बैठक आयोजित की गई। यह बैठक राष्ट्रीय संगठन मंत्री आदरणीय प्रकाश चन्द्र जी गुप्ता के सान्निध्य में सम्पन्न हुई, जिसका मुख्य उद्देश्य राजस्थान में कौशल विकास कार्यों के विस्तार को राष्ट्रीय स्तर पर नई गति देना रहा।
बैठक में राजस्थान के तीनों अंचलों — चित्तौड़, जयपुर एवं जोधपुर — से आए प्रमुख पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की। कार्यक्रम का शुभारंभ गायत्री मंत्र एवं परिचय सत्र के साथ हुआ। इसके पश्चात श्री रवींद्र कुमार जाजू ने कौशल विकास की आवश्यकता, उसकी कार्यप्रणाली एवं भविष्य की संभावनाओं पर विस्तृत भूमिका प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में स्वरोजगार एवं रोजगार सृजन के लिए कौशल विकास अत्यंत आवश्यक है और लघु उद्योग भारती समाज एवं उद्योग जगत के बीच एक सशक्त सेतु के रूप में कार्य कर रही है।
बैठक में जानकारी दी गई कि देशभर में संचालित 37 कौशल विकास कार्यों में से 17 कार्य अकेले राजस्थान प्रदेश में संचालित हो रहे हैं, जो प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। वर्तमान में जोधपुर, पाली, बालोतरा, जालौर, बीकानेर, शिवगंज, श्रीगंगानगर, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, डूंगरपुर, ब्यावर, जयपुर और अलवर सहित अनेक स्थानों पर कौशल विकास केंद्र सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं।
इन केंद्रों पर डोमेस्टिक डेटा एंट्री ऑपरेटर, डिजिटल मित्रा, मशरूम उत्पादन, मेहंदी, मिलेट्स कुकिंग, केक निर्माण, सिलाई, क्रोशिया, आर्ट एंड क्राफ्ट, पैकिंग, एम्ब्रॉयडरी, सौंदर्य साज-सज्जा तथा स्किल इंडिया वर्कशॉप जैसे विविध प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
बैठक में आगामी वर्ष के लिए देशभर में 100 कौशल विकास केंद्र प्रारम्भ करने के लक्ष्य में राजस्थान की अग्रणी भूमिका सुनिश्चित करने का संकल्प लिया गया। इसी क्रम में 31 अगस्त 2026 तक नए कौशल विकास कार्य प्रारम्भ करने हेतु विभिन्न स्थान चिन्हित किए गए।
चित्तौड़ अंचल में — उदयपुर, किशनगढ़, राजसमंद, अजमेर, कोटा, बांसवाड़ा, बारां एवं सागवाड़ा।
जयपुर अंचल में — नीमराना, चूरू, सीकर, भरतपुर, अलवर, भिवाड़ी एवं विश्वकर्मा।
जोधपुर अंचल में — नागौर/नोखा एवं हनुमानगढ़।
बैठक के दौरान श्री महेंद्र जी खुराना ने सोहन सिंह स्मृति कौशल विकास केंद्र की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। इसके पश्चात सभी कार्यकर्ताओं ने केंद्र का भ्रमण कर वहां संचालित प्रशिक्षण गतिविधियों का अवलोकन किया। स्टार्टअप, गारमेंट्स, आर्ट एंड क्राफ्ट तथा सेना एवं सुरक्षा बलों से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी साझा की गई। प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवाओं एवं विद्यार्थियों से संवाद के दौरान यह अनुभव सामने आया कि केंद्र युवाओं को नई दिशा एवं आत्मविश्वास प्रदान कर रहा है। उल्लेखनीय है कि यहां प्रशिक्षण प्राप्त करने वालों का प्लेसमेंट प्रतिशत 30 प्रतिशत से अधिक है।
विस्तृत चर्चा सत्र में कौशल विकास कार्यों को प्रत्येक जिले तक पहुंचाने, स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण विकसित करने तथा युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने पर विशेष बल दिया गया। साथ ही सभी अंचलों से जिलानुसार वर्तमान केंद्रों, बंद हो चुके कार्यों, संभावित नए केंद्रों तथा उपलब्ध संसाधनों की जानकारी संकलित करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में यह भी चर्चा हुई कि सरकार, CSR निधि, सामाजिक संस्थाओं एवं लघु उद्योग भारती के सामूहिक सहयोग से कौशल विकास गतिविधियों को और अधिक गति दी जा सकती है। प्रशिक्षण शुल्क की संरचना, भूमि एवं भवन स्वामित्व तथा निर्माणाधीन केंद्रों की जानकारी भी आगामी बैठकों में प्रस्तुत करने का निर्णय लिया गया।
सिलाई, कम्प्यूटर, डिजिटल सेवा, मेहंदी, प्लम्बिंग, ब्यूटी पार्लर, खाद्य प्रसंस्करण एवं अन्य स्थानीय आवश्यकताओं आधारित प्रशिक्षणों को प्राथमिकता देने पर बल दिया गया। साथ ही विभिन्न विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों एवं औद्योगिक संस्थानों के साथ हुए एमओयू की जानकारी भी संकलित करने का निर्णय लिया गया।
दोपहर पश्चात अंचलवार बैठकों में “एक जिला — एक कार्यकर्ता — एक कार्य” के संकल्प के साथ प्रत्येक जिले में न्यूनतम एक कौशल विकास कार्य प्रारम्भ करने की कार्ययोजना तैयार की गई।
अपने मार्गदर्शन में आदरणीय प्रकाश चन्द्र जी गुप्ता ने कहा कि कौशल विकास केवल प्रशिक्षण का विषय नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने एवं राजस्थान को राष्ट्रीय स्तर पर कौशल विकास का आदर्श मॉडल बनाने हेतु सामूहिक प्रयासों का आह्वान किया।
बैठक का समापन कल्याण मंत्र के साथ हुआ। सभी उपस्थित कार्यकर्ताओं ने यह संकल्प लिया कि कौशल विकास गतिविधियों को गांव-गांव एवं जिले-जिले तक पहुंचाकर अधिकाधिक युवाओं को प्रशिक्षण एवं रोजगार से जोड़ा जाएगा तथा राजस्थान को इस क्षेत्र में देश का अग्रणी प्रदेश बनाए रखने हेतु निरंतर प्रयास किए जाएंगे।