जयपुर, 11 जुलाई 2026: 23वें ARCASIA फोरम 2026 के सफल आयोजन के लिए सहयोग एवं समन्वय को मजबूत बनाने के उद्देश्य से द इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ आर्किटेक्ट्स (IIA) और लघु उद्योग भारती (LUB) के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। यह कार्यक्रम लघु उद्योग भारती के जयपुर स्थित कार्यालय में आयोजित हुआ। आगामी 11–12 सितम्बर 2026 को दिल्ली, आगरा और जयपुर में आयोजित होने वाला 23वां ARCASIA फोरम एशिया के प्रमुख वास्तुकला सम्मेलनों में से एक होगा।
समझौता ज्ञापन पर लघु उद्योग भारती की ओर से अखिल भारतीय संयुक्त महामंत्री श्री नरेश चन्द पारीक तथा द इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ आर्किटेक्ट्स की ओर से 23वें ARCASIA फोरम 2026 के संयोजक आर्किटेक्ट तुषार सोगानी ने हस्ताक्षर किए।
इस अवसर पर लघु उद्योग भारती के पूर्व अखिल भारतीय अध्यक्ष श्री घनश्याम ओझा, पूर्व अखिल भारतीय कोषाध्यक्ष श्री योगेश गौतम, राजस्थान महामंत्री श्री सुधीर गर्ग, उपाध्यक्ष श्री नटवर लाल अजमेरा, जयपुर अंचल अध्यक्ष श्री महेन्द्र मिश्रा, जोधपुर प्रांत महामंत्री श्री सुरेश विश्नोई सहित IIA के उपाध्यक्ष आर्किटेक्ट गौरव अग्रवाल, संयुक्त सचिव आर्किटेक्ट प्रकाश मोहानानी, आर्किटेक्ट आशुतोष भार्गव तथा सदस्य आर्किटेक्ट निष्ठा पाण्डेय सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।
आर्किटेक्ट तुषार सोगानी ने बताया कि ‘Bringing Back… Vernacular Wisdom’ विषय पर आयोजित होने वाले इस फोरम में 24 से अधिक देशों के लगभग 3,500 प्रतिनिधियों, जिनमें 1,000 से अधिक अंतरराष्ट्रीय आर्किटेक्ट्स एवं विशेषज्ञ शामिल होंगे, के भाग लेने की संभावना है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन सतत वास्तुकला, पारंपरिक निर्माण तकनीकों, नवाचार और वैश्विक सहयोग को नई दिशा प्रदान करेगा।
श्री नरेश चन्द पारीक ने कहा कि इस साझेदारी का उद्देश्य एमएसएमई क्षेत्र की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना, उद्योग एवं वास्तुकला जगत के बीच संवाद को बढ़ावा देना तथा विभिन्न हितधारकों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित करना है। उन्होंने बताया कि लघु उद्योग भारती अपने सदस्य उद्योगों, विनिर्माताओं एवं उद्यमियों की सहभागिता सुनिश्चित करने के साथ आवश्यक संस्थागत एवं शासकीय समन्वय उपलब्ध कराएगी, जबकि द इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ आर्किटेक्ट्स लघु उद्योग भारती को फोरम का ‘इंडस्ट्रियल पार्टनर’ के रूप में मान्यता देकर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नेटवर्किंग के अवसर उपलब्ध कराएगा।
दोनों संस्थाओं ने विश्वास व्यक्त किया कि यह सहयोग भारत के वास्तुकला, डिज़ाइन, विनिर्माण एवं एमएसएमई क्षेत्र के बीच मजबूत संबंध स्थापित करेगा तथा ज्ञान के आदान-प्रदान, नवाचार, व्यावसायिक नेटवर्किंग और सतत विकास के नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त करेगा। यह एमओयू उद्योग, उद्यमिता और वास्तुकला के समन्वित विकास के प्रति दोनों संस्थाओं की साझा प्रतिबद्धता का महत्वपूर्ण प्रतीक है।