लघु उद्योग भारती द्वारा आज पीपीडीसी स्पोर्ट्स गुड्स कॉम्प्लेक्स, मेरठ में केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त प्रतिनिधियों के समक्ष ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उद्योग जगत से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए गए।
इस अवसर पर लघु उद्योग भारती के प्रदेश सचिव राज कुमार शर्मा ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में सरकार को कॉमन फायर फाइटिंग सिस्टम तथा कॉमन वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना करनी चाहिए, जिससे एमएसएमई इकाइयों पर वित्तीय बोझ कम हो और सुरक्षा एवं पर्यावरणीय मानकों का बेहतर पालन सुनिश्चित हो सके। उन्होंने यह भी मांग रखी कि नगर निगम द्वारा फैक्ट्रियों पर हाउस टैक्स आवासीय दरों पर लिया जाए, क्योंकि वर्तमान में यह वाणिज्यिक (कमर्शियल) दरों से वसूला जा रहा है, जिससे उद्योगों पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ता है।
मेरठ मंडल के महासचिव पंकज जैन ने मांग की कि यूपीसीडा (UPSIDA) के औद्योगिक क्षेत्रों की भूमि को फ्रीहोल्ड किया जाए, जिससे उद्यमियों को संपत्ति संबंधी अधिकारों में सुविधा मिल सके। उन्होंने इसके साथ ही उद्योगों को इंस्पेक्टर राज से मुक्त करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया, ताकि उद्योगों को अनावश्यक निरीक्षण एवं प्रशासनिक जटिलताओं से राहत मिल सके।
वहीं, लघु उद्योग भारती मेरठ महानगर के उपाध्यक्ष अमित रस्तोगी ने यूपीसीडा के औद्योगिक एस्टेटों में प्लॉट ट्रांसफर की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने की मांग उठाई। उनका कहना था कि वर्तमान प्रक्रिया अत्यधिक जटिल होने के कारण उद्यमियों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार इन सुझावों पर सकारात्मक विचार करेगी, जिससे उत्तर प्रदेश में उद्योगों के लिए अधिक अनुकूल वातावरण तैयार होगा और ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस को नई गति मिलेगी।