उद्योग और पर्यावरण दोनों साथ-साथ नहीं हो सकते, ऐसा सभी मानते हैं, लेकिन इसे गलत सिद्ध किया है व्यावर नगर की लघु उद्योग भारती शाखा ने। शुक्रवार को अवसर था राजस्थान को औद्योगिक नगरी ब्यावर, जो 2 वर्ष पूर्व ही जिला घोषित हुआ है। उसी ब्यावर को धरती पर रीको द्वारा प्रदान किये गये भूखण्डों पर विकसित की गई 6 सरित वाटिकाओं के लोकार्पण कार्यक्रम का।
लघु उद्योग भारती, नीमराना इकाई ने शुक्रवार को 79वां स्वतंत्रता दिवस बड़े उत्साह और देशभक्ति की भावना के साथ सागर रत्न प्रोडक्शन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी परिसर में मनाया। कार्यक्रम की शुरुआत ध्वजारोहण से हुई, जिसे लघु उद्योग भारती प्रदेश संरक्षक के. के. यादव, इकाई सचिव सुनील जुनेजा और अध्यक्ष शशांक भारद्वाज ने संयुक्त रूप से […]
लघु उद्योग भारती द्वारा गायत्री उपवन में 6 हजार पौधे लगाए गए हैं जो नए ऑक्सीजोन की ओर बढ़ रहे हैं। इसी जगह और पौधे लगाए जा रहे हैं, जिसकी रूपरेखा तैयार की गई : है. साथ ही लोगों को संकल्प दिलासा जा रहा है वहीं जिम्मेदारियां भी सौंपी गई है।
लघु उद्योग भारती महिला इकाई ने बरसात के मौसम में अधिक से अधिक पौधे लगाए जाने को लेकर कार्ययोजना बनाई है।
उद्योग एवं वाणिज्य विभाग ने जॉइंट वर्किंग ग्रुप (जेडब्ल्यूजी) को मूर्त रूप देने के लिए इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। इसका उद्देश्य सरकार और प्रदेश के उद्यमियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है। बता दें, उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने 9 जुलाई को जॉइंट वर्किंग ग्रुप बनाने की घोषणा की थी। जॉइंट वर्किंग ग्रुप का चेयरमैन रीको के कार्यकारी निदेशक को बनाया गया है। इसमें बीआईपी आयुक्त, आरएफसी कार्यकारी निदेशक, खादी एवं ग्रामोद्योग सचिव, राजसिको महाप्रबंधक जैसे वरिष्ठ सरकारी अधिकारी इसमें शामिल होंगे।
लघु उद्योग भारती (स्क्क) अमृतसर इकाई द्वारा %लीन मैन्युफैक्चरिंग% विषय पर एक महत्वपूर्ण सेमिनार का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता एलयूबी अमृतसर इकाई के अध्यक्ष श्री अमित कपूर ने की। इस सेमिनार में विशेष वक्ता के रूप में प्रसिद्ध सलाहकार एवं लीन मैन्युफैक्चरिंग विशेषज्ञ श्री अमित ममगैन ने हिस्सा लिया। उन्होंने उपस्थित उद्योगपतियों को लीन मैन्युफैक्चरिंग की तकनीकों और इसके लाभों के बारे में विस्तारपूर्वक बताया।
ईएसआईसी एवं स्माल स्केल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के संयुक्त तत्वाधान में रीको औद्योगिक क्षेत्र में SPREE -2025 योजना पर जागरुकता सेमिनार का आयोजन किया गया। इसमे स्मॉल स्केल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के प्रतिनिधि, नियोजक/नियोजक, प्रीतिनिधियों ने भाग लिया जिसमे ईएसआईसी राजस्थान रीजन की ओर से विवेक सिंह प्रतिहार, सहायक निदेशक, मणि भूषण ठाकुर, शाखा प्रबन्धक भवानीमंडी के द्वारा SPREE -2025 के साथ ई एस आई स्कीम के बारे में विस्तृत रूप से चर्चा कर महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों को सशक्त बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल करते हुए लघु उद्योग भारती (एलयूबी) और वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को उद्यमिता संवाद का आयोजन सीएसआईआर. सीरी (सीएसआईआर-सीईई आरआई) पिलानी के जयपुर कैंपस में किया गया। इस अवसर पर राजस्थान के विभिन्न जिलों से आए 25 उद्यमियों ने वैज्ञानिकों के साथ सीधा संवाद किया और नई तकनीकों एवं उत्पादों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
लघु उद्योग भारती इकाई भवानी मंडी द्वारा रीको इंडस्ट्रीज एरिया भवानी मंडी में एक बैठक का आयोजन किया गया। इस अवसर पर भवानी मंडी इकाई के सदस्य प्रीतपाल सिंह होरा को प्रदेश कार्यकारिणी में तथा श्री गोविंद जी बिरला को प्रांतीय संयुक्त सचिव के रूप में नियुक्त किए जाने पर स्वागत किया गया। इकाई अध्यक्ष सी ए प्रकाश गुप्ता ने संगठन की आगामी कार्ययोजना से सदस्यों को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में रीको औद्योगिक क्षेत्र में भूखंड उपलब्ध नहीं होने से नए उद्योगों की स्थापना में कठिनाइयों आ रही हैं। इस समस्या के समाधान हेतु भवानी मंडी में एक नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित करवाने के लिए लघु उद्योग भारती सतत प्रयासरत है।
देश के लघु उद्योगों को मजबूती और नई पहचान दिलाने के उद्देश्य – से वर्ष 1994 में स्थापित लघु उद्योग भारती आज देशभर में एक सशक्त मंच बन चुका है। वर्तमान – में संस्था 581 जिलों में 1 हजार से अधिक इकाइयों के साथ सक्रिय है। इनमें 55 हजार से ज्यादा उद्यमी सदस्य जुड़े हुए हैं।
किशनगढ़ इकाई अध्यक्ष उमेश गोयल ने बताया कि संस्था का मुख्य उद्देश्य लघु उद्योगों की समस्याओं को स्थानीय, प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर उठाना है। उद्योग स्थापित करने से लेकर उसके संचालन में आने वाली – चुनौतियों जैसे बिजली, प्रदूषण – नियंत्रण, रिको, लोन आदि मुद्दों को हल करवाने के लिए नीति बदलावों की पहल संस्था द्वारा की जाती है। वर्ष 2017 में जीएसटी लागू होने पर संगठन ने कई विसंगतियों के समाधान के लिए सरकार को – समय-समय पर सुझाव दिए और कई बदलाव करवाने में सफलता पाई।
इंडस्ट्रियल फेयर शो: 2010 में आईएमएस (इंडिया मैन्युफैक्चरिंग शो) फाउंडेशन की स्थापना कर लघु उद्योगों को प्रदर्शनी और सेमिनार के जरिए प्रोत्साहित किया गया। अब तक बैंगलोर में 6 सफल संस्करण हो चुके हैं। 7वां कार्यक्रम 6 से 8 नवंबर 2025 में होगा।
संस्था इस तरह करती है कार्य : संस्था का संचालन अखिल – भारतीय कार्यसमिति और कार्यकारिणी के माध्यम से होता है। अखिल भारतीय, प्रदेश, अंचल, संभाग और इकाई स्तर पर हर दो साल में चुनाव करवाकर पदाधिकारी मनोनीत किए जाते हैं।

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