लघु उद्योग भारती के इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर को लेकर हुआ भूमि पूजन
लघु उद्योग भारती के भीलवाड़ा में 15, 16 और 17 सितंबर को लगाए जाने वाले इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर का भूमि पूजन का कार्यक्रम मंगलवार को हरिशेवा धाम के महामंडलेश्वर हंसराम उदासीन के कर कमलों से हुआ। फेयर के कनवीनर गिरीश अग्रवाल ने बताया की भूमि पूजन में जिला उद्योग केंद्र के राहुल देव सिंह भीलवाड़ा के प्रसिद्ध उद्योगपति आरसीएम समूह के चेयरमैन तिलोक चंद खडा, मनोमय टैक्स इंडिया के योगेश लड़ा, सत्कार समूह के गोविंद प्रसाद सोनी संबोधी सिंथेटिक के रामपाल असावा उपस्थित रहे। फेयर में महामंडलेश्वर हंसराम उदासीन ने कहा कि भीलवाड़ा में इस स्तर का फेयर होना गर्व का विषय है। भीलवाड़ा मंडी वैसे भी किसी भी काम में पीछे लगते हैं तो उसे पूर्णता तक लेकर जाते हैं। भीलवाड़ा के उद्यमियों की विशेषता जग जाहिर है। इस तरह के फेयर से उद्योग और व्यापार का विकास होता है। फेयर के कन्वीनर गिरीश अग्रवाल ने बताया की 500 जिले में 780 औद्योगिक क्षेत्रों के में 45000 से अधिक उद्योग सदस्यों के साथ लघु उद्योग भारती एमएसएमई का प्रतिनिधित्व कर रही है। औद्योगिक क्षेत्र में यह विश्व भर में सबसे बड़ा संगठन है। लघु उद्योग भारती कुटीर एवं लघु उद्योगों को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय पहचान मिले एवं बड़ा बाजार मिले इस हेतु प्रयासरत है। देश की अर्थव्यवस्था 5 ट्रिलियन से आगे ले जाने में भीलवाड़ा अपना महत्वपूर्ण योगदान दें सकेगा। भीलवाड़ा उद्योग की पृष्ठभूमि पर नजर डालते हैं तो वर्ष 1935 में पहली मेवाड़ टेक्सटाइल मिल की स्थापना से आज भीलवाड़ डेनिम उत्पादन और निर्यात में देश में दूसरे स्थान पर आ गया है और टेक्सटाइल सिटी के नाम से प्रसिद्ध हो कर भारत का मैनचेस्टर कहा जाने लगा। भूमि पूजन के बाद आयोजित पत्रकार बातों को सम्बोधित करते हुए अध्यक्ष महेश हुकट ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन भारत के त्वरित आर्थिक विकास में इंडिया में स्किल इंडिया मेक इन इंडिया आत्मनिर्भर भारत स्वावलंबी भारत डिजिटल इंडिया प्रकार के विभिन्न आयाम को आगे बढ़ाने के लिए लघु उद्योग भारती निरंतर प्रयासरत है। केवल भारत में वरन वैश्विक स्तर पर यहां के वस्त्र उद्योग ने अपनी पहचान बनाई है। उम्मीद कर सकते हैं आने वाले 2035 में जब इस उद्योग के 100 साल का सफर पूरा होगा तब भीलवाड़ा का वस्त्र उद्योग उभरते हुए नए परिदृश्य के साथ अपने चरम पर होगा। इसे समिति के सुरेश कोगटा, शंभू प्रसाद काबरा ने आने वाले सभी एक्जीबिटर्स के लिए व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी दी। एमएसएमई उद्योगी में की जानकारी अजय मूंदड़ा ने दी। बिजली विभाग से उद्योगों को क्या अपेक्षा है के बारे में विस्तृत चर्चा की। एमएसएमई में उद्योगों को वैसे भी बिजली की दरों में 1 रुपये अतिरिक्त भुगतान करना पड़ रहा है यह गैप कम होना चाहिए। मेले का मुख्य उद्देश्य भीलवाड़ा को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिले साथ ही नए युवाओं में उद्यमशीलता का संचार हो इस हेतु सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है जिसमे टेक्सटाइल कॉलेज के विद्यार्थियों को पास के कॉलेज के विद्यार्थियों को आमंत्रित किया गया है। सभी में स्वरोजगार की भावना को प्रेरित करना तथा रोजगार लेने वाला नहीं देने वाला बना है यह चीज देश के अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में सहायक सिद्ध होगी। फेयर के चेयरमैन महेश ये रहे उपस्थित हुरकट ने अपील की है इस मेले में जरूर पधार कर आधुनिक तकनीक से रूबरू होकर अपने अनुभव में वृद्धि करने का अवसर है।

